
देवघर: इस बार का श्रावणी मेला 2025 अब तक के सबसे व्यस्त मेलों में से एक साबित हुआ है। 11 जुलाई से 6 अगस्त तक 52 लाख 95 हजार 766 कांवरिये बाबा बैद्यनाथधाम में जलार्पण कर चुके हैं, जबकि 2024 में पूरे मेले के दौरान कुल 47 लाख 28 हजार 544 भक्तों ने पूजा की थी। यानी करीब 5.67 लाख ज्यादा श्रद्धालु इस बार देवघर पहुंचे हैं।
श्रावणी मेला इस साल 9 अगस्त 2025 को समाप्त होगा। यानी तीन दिन अभी बाकी हैं, जिसमें लाखों और कांवरिये पहुंच सकते हैं।
मंदिर की आय में ₹74 लाख का इजाफा
बाबा बैद्यनाथ मंदिर को भी इस बढ़ी भीड़ का सीधा लाभ मिला है। 6 अगस्त तक मंदिर को 7 करोड़ 36 लाख 44 हजार 295 रुपए की आय हुई है, जबकि 2024 में पूरी सावन अवधि में मंदिर को 6 करोड़ 62 लाख 2 हजार 312 रुपए की आमदनी हुई थी। इस तरह मंदिर की आय में ₹74 लाख 23 हजार 983 की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
कांवरियों की बढ़ी भीड़ के पीछे ये तीन वजहें
1. बेहतर व्यवस्थाएं:
राज्य सरकार ने इस बार कांवरियों के लिए साफ-सुथरा कांवरिया पथ, बाहरी अरघा में जलार्पण की सुविधा और मेडिकल सहायता जैसी कई सुविधाएं मुहैया कराईं।
2. बिहार से तालमेल:
बिहार के भागलपुर, मुंगेर और बांका जिलों के प्रशासन के साथ अच्छा समन्वय रहा। सूचनाओं का आदान-प्रदान और संयुक्त बैठकें कारगर रहीं।
3. अनुकूल मौसम:
इस बार न तेज बारिश हुई, न अधिक गर्मी और न ही सूखा पड़ा। जिससे भक्तों को यात्रा में कम परेशानी झेलनी पड़ी।
भादो में भी मिलेगी सावन जैसी सुविधा
देवघर डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने जानकारी दी है कि भादो मास में भी श्रद्धालुओं को वैसी ही सुविधाएं मिलेंगी जैसी सावन में दी गईं।
इसके लिए 9 अगस्त के बाद पंडा धर्मरक्षिणी सभा, तीर्थ पुरोहितों और मंदिर समिति से चर्चा की जाएगी। हालांकि इस दौरान बाहरी फोर्स नहीं होगी, लेकिन स्थानीय प्रशासन पूरी तैयारी में जुटा रहेगा।
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