
देवघर: झारखंड के देवघर में बाबा बैद्यनाथ मंदिर में वीआईपी प्रवेश को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे, सांसद मनोज तिवारी और चार अन्य पर केस दर्ज हुआ है। आरोप है कि 2 अगस्त को श्रावणी मेले के दौरान, वीआईपी और आउट ऑफ टर्न दर्शन पर रोक के बावजूद, दोनों सांसद निकास द्वार से पुलिसकर्मियों को धक्का देकर गर्भगृह में प्रवेश कर गए। यह मामला पंडा धर्मरक्षिणी सभा के पूर्व महामंत्री कार्तिक नाथ ठाकुर ने दर्ज कराया है।
एफआईआर के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब शाम की पारंपरिक कांचा जल पूजा चल रही थी। पुरोहितों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय सांसद और सहयोगियों ने मनोज तिवारी और उनके सचिव को जबरन भीतर पहुंचा दिया। आरोप है कि इससे पूजा बाधित हुई और आस्था को ठेस पहुंची।
इसी केस में आज भाजपा सांसद निशिकांत दुबे खुद गिरफ्तारी देने बाबा मंदिर थाना पहुंचे।
गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने थानेदार से कहा— मैं देवघर का तीर्थ पुरोहित हूं, गवाली पूजा में सात साल से चंदा देता आ रहा हूं। ऐसे में इस मामले में मेरे खिलाफ केस कैसे हो सकता है? उन्होंने आरोप लगाया कि केस के सूचक पंडा नहीं हैं और न ही मंदिर के ड्यूटी मैजिस्ट्रेट या पुलिसकर्मी ने शिकायत की है।
“मैं भगोड़ा नहीं हूं। यह मेरे खिलाफ 51वां केस है। जितनी बार केस होगा, मैं गिरफ्तारी देने खुद आऊंगा। अगर मैंने गलती की है तो कानून के अनुसार कार्रवाई हो।”
अब नजर रहेगी संसद में सोमवार को होने वाली सुनवाई पर, जहां सांसद इस मामले को उठाएंगे और अधिकारियों से जवाब मांगेंगे।
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