
रांची: IIM रांची ने अपनी पढ़ाई की पद्धति में बड़ा बदलाव करते हुए मिड टर्म परीक्षाएं पूरी तरह से खत्म कर दी हैं। अब छात्रों का मूल्यांकन ‘वर्किंग विद AI प्रोजेक्ट’ के ज़रिए किया जाएगा। छात्रों को अब किताबों के बजाय रियल बिजनेस प्रॉब्लम्स पर आधारित केस स्टडीज़ पर काम करना होगा। वे AI टूल्स की मदद से समाधान तैयार करेंगे और वही मूल्यांकन का आधार बनेगा।
किन बातों पर होगा मूल्यांकन?
छात्रों की परख अब इन तीन पहलुओं पर की जाएगी:
तार्किक सोच (Logical Reasoning)
नैतिक निर्णय (Ethical Judgement)
समस्या सुलझाने की क्षमता (Problem Solving Skills)
क्लासरूम से स्किल एक्टिविटी की ओर
एंड-टर्म परीक्षाएं पहले की तरह जारी रहेंगी, लेकिन अब कक्षा में सिर्फ उपस्थिति जरूरी नहीं होगी। इसके बजाय छात्रों को स्किल-बेस्ड एक्टिविटीज में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इंडस्ट्री-रेडी लीडरशिप की तैयारी
IIM रांची का यह फैसला छात्रों को केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी समझने वाला व्यावहारिक लीडर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह बदलाव उन्हें इंडस्ट्री के वास्तविक माहौल के लिए तैयार करेगा।
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