
जादूगोड़ा: गोड्डा के आदिवासी नेता सूर्या हांसदा के एनकाउंटर मामले में सीबीआई जांच की मांग तेज हो गई है। सोमवार को जादूगोड़ा के यूसिल अस्पताल चौक पर भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन ने प्रेस वार्ता कर इसे “आदिवासियों की आवाज दबाने का घृणित प्रयास” बताया और राज्य सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
इस दौरान उनके समर्थकों ने जोरदार नारे लगाए – “आदिवासी सूर्या हांसदा को न्याय दो”, “जब तक सूरज-चांद रहेगा, सूर्या तेरा नाम रहेगा”। लोगों ने कहा कि पुलिस प्रशासन की कार्रवाई सुनियोजित है और इसका मकसद आदिवासियों की आवाज को दबाना है।
बाबूलाल सोरेन ने आरोप लगाया कि सूर्या हांसदा को बीमार हालत में घर से उठाया गया और जेल भेजने की बजाय उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा,
“ग्रामसभा की मंजूरी लिए बिना गिरफ्तारी हुई। यह केवल एक एनकाउंटर नहीं, बल्कि जल-जंगल-जमीन की लड़ाई लड़ रहे आदिवासी नेता की आवाज को हमेशा के लिए बंद करने की साजिश है।”
उन्होंने कहा कि जैसे दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने जल, जंगल और जमीन की लड़ाई लड़ी थी, वैसे ही सूर्या हांसदा भी उसी राह पर बढ़ रहा था। उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर ही सरकार ने पुलिस की आड़ में यह कदम उठाया।
बाबूलाल सोरेन ने जानकारी दी कि सूर्या हांसदा सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय थे और उन्होंने एक स्कूल चलाया, जहां करीब 300 बच्चों की पढ़ाई और भोजन की व्यवस्था होती थी। उनकी मौत से न केवल आदिवासी समाज, बल्कि सैकड़ों बच्चे भी बेसहारा हो गए हैं।
सोरेन ने राज्य सरकार से सीबीआई जांच कराने की मांग की और कहा कि भाजपा सूर्या हांसदा के हक और न्याय की लड़ाई अंतिम क्षण तक लड़ती रहेगी।
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