
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने गुरुवार को चाकुलिया प्रखंड के केरूकोचा गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मत्स्यपालकों से मुलाकात की और उनके काम की सराहना की। उपायुक्त ने कहा कि मत्स्य पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का बेहतर साधन है और अधिक से अधिक किसानों को इससे जुड़ना चाहिए।
गांव के 8 प्रगतिशील किसान सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर बड़े पैमाने पर मत्स्य पालन कर रहे हैं। इनमें से 3 किसान 25-25 बायोफ्लॉक टैंक चला रहे हैं, एक किसान ने 8 रिस्पायरेटरी एक्वा कल्चर टैंक लगाए हैं, जबकि दूसरे किसान छोटे पैमाने पर 7 और 4 टैंक से मत्स्य पालन कर रहे हैं। इसके अलावा एक किसान ने बायोफ्लॉक तालाब और फीड मिल स्थापित कर स्थानीय स्तर पर उत्पादन शुरू किया है। इन प्रयासों से किसानों की आय बढ़ी है और दूसरे ग्रामीण भी प्रेरित हो रहे हैं।
उपायुक्त ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत किसानों को बायोफ्लॉक टैंक, पॉन्ड निर्माण और फीड मिल लगाने के लिए सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने जिला मत्स्य पदाधिकारी को निर्देश दिया कि योजनाओं का प्रचार-प्रसार और तेज किया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान लाभान्वित हों।
उपायुक्त ने किसानों से कहा कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन को अपनाने से अतिरिक्त आय के अवसर बढ़ेंगे। यह न सिर्फ आय दोगुनी करने में मदद करेगा, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार भी पैदा करेगा।
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