
जमशेदपुर: समाहरणालय के सभागार में पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में जिले में चल रही खाद्यान्न वितरण योजनाओं, ई-केवाइसी, राशन कार्ड वितरण, डाकिया योजना और अन्य कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई।
राशन कार्ड में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं, अयोग्य लाभार्थी करें कार्ड सरेंडर
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि जो लोग सरकारी मानकों के अनुसार राशन के पात्र नहीं हैं, वे जल्द से जल्द स्वेच्छा से अपना राशन कार्ड सरेंडर करें। अगर जांच के दौरान किसी अयोग्य व्यक्ति को कार्डधारी पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी एमओ (मार्केटिंग ऑफिसर) को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्रों में जांच कर अयोग्य लाभार्थियों की सूची बनाएं और कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपें।
इसे भी पढ़ें : digital system : बिहार में मजाक का पात्र बनी सरकारी डिजिटल व्यवस्था, डोनाल्ड ट्रंप ने निवास प्रमाण पत्र के लिए किया अप्लाई ?
राशन वितरण में तेजी, पात्र लोगों को तय समय में मिले अनाज
बैठक में अगस्त महीने के राशन वितरण की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी लाभुकों को तय मात्रा में राशन समय पर दिया जाए। उन्होंने ग्रीन राशन कार्डधारियों को मई से जुलाई तक का लंबित राशन वितरण अगले 10 दिनों में 90% पूरा करने का टारगेट दिया।
चना दाल, चीनी और नमक की आपूर्ति में भी गति लाने को कहा गया, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे।
डाकिया योजना: 5,000 से अधिक परिवारों को घर-घर जाकर दिया जाएगा राशन
डाकिया योजना के अंतर्गत 5,131 आदिम जनजातीय परिवारों को घर-घर जाकर राशन देने का निर्देश भी उपायुक्त ने दिया। उन्होंने कहा कि इन परिवारों तक राशन पहुंचाने में किसी तरह की कोताही न हो और पूरी संवेदनशीलता के साथ यह कार्य किया जाए।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur: जिले में नई शुरुआत, अब अस्पताल से डिस्चार्ज से पहले मिलेगा जन्म प्रमाण पत्र
ई-केवाइसी और नए राशन कार्ड पर भी रहेगा फोकस
बैठक में यह भी तय किया गया कि जिन लाभुकों या उनके परिवार के सदस्यों ने अब तक ई-केवाइसी नहीं कराया है, उन्हें जल्द चिन्हित कर इसका काम पूरा किया जाए। नए राशन कार्ड का वितरण तेज करने और पोर्टल पर लंबित शिकायतों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश भी दिए गए।
गलत तरीके से राशन लेने पर होगी कड़ी सजा
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अयोग्य व्यक्ति अगर राशन कार्ड नहीं लौटाते और सरकारी राशन उठाते हैं, तो उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज होगा। साथ ही, उठाए गए राशन की कीमत ब्याज सहित वसूल की जाएगी। सरकारी कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
अगर किसी ने ऑफलाइन तरीके से राशन उठाया है, तो उसकी सुनवाई 15 दिनों के भीतर पूरी कर नियमानुसार फैसला लिया जाएगा।
बैठक में मानगो के सीओ सह एमओ ब्रजेश श्रीवास्तव, कार्यपालक दंडाधिकारी सह एमओ सुदीप्त राज समेत अन्य अधिकारी-कर्मी उपस्थित थे। सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और संबंधित विभागीय प्रतिनिधि ऑनलाइन माध्यम से बैठक से जुड़े।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur: पेड़ से लटकते मिले लिव-इन में रह रहे प्रेमी युगल, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार