
जमशेदपुर: जमशेदपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक फर्जी कंपनी का भंडाफोड़ किया और बंधक बनाए गए 179 युवक-युवतियों को मुक्त कराया। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जबकि मुख्य सरगना समेत कई आरोपियों की तलाश जारी है।
कैसे चलता था फर्जीवाड़ा
घाटशिला थाना क्षेत्र में MS रिया इंटरप्राइजेज नाम से चल रही कंपनी बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर 25 हजार रुपये वसूल रही थी। युवाओं को नेटवर्क मार्केटिंग की तरह अन्य लोगों को जोड़ने का दबाव बनाया जाता था। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की जाती थी और उन्हें घर जाने से रोका जाता था।ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग के निर्देश पर एसडीपीओ घाटशिला के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने मऊभंडार ओपी क्षेत्र में छापेमारी की। यहां से तीन युवकों को रंगे हाथ पकड़ा गया, जबकि एक अन्य आरोपी को युवाओं से मारपीट के मामले में गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गोविंदपुर का रोमेन्ट कुमार, डोमचाच का मोहन कुमार राणा, वैशाली का शिवम कुमार सिंह और कुलदीप सिंह शामिल हैं। वहीं मुख्य सरगना गया का राजू यादव, बिहार के सुनील यादव, राहुल रंजन, अनिल और रवि चौहान समेत अन्य की तलाश जारी है।
पुलिस ने पुष्टि की है कि कुल 179 युवक-युवतियों को बंधक बनाकर रखा गया था। अब उन्हें सुरक्षित उनके घर—महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और ओडिशा भेजा जाएगा। पुलिस ने कंपनी की संपत्ति सीज कर ली है और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।
चारों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है और बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है।
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