
रांची: राजधानी रांची के कांके स्थित नगड़ी में प्रस्तावित रिम्स-2 की जमीन पर आज बड़ा आंदोलन होने वाला था। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता चंपाई सोरेन ने ‘हल जोतो, रोपा रोपो’ कार्यक्रम के तहत किसानों के साथ हल चलाने का ऐलान किया था। लेकिन प्रशासन ने उन्हें और कई अन्य नेताओं को नगड़ी पहुंचने से पहले ही रांची के मोरहाबादी स्थित सरकारी आवास में हाउस अरेस्ट कर दिया।
क्यों भड़का विवाद?
नगड़ी और आसपास के गांवों में जिस जमीन पर रिम्स-2 बनने की योजना है, वह लंबे समय से विवादों में है। ग्रामीणों का कहना है कि यह उनकी पुश्तैनी खेती की जमीन है। सरकार ने बहुत पहले अधिग्रहण तो किया, लेकिन कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। इसीलिए रैयत अब इस पर अपना हक जताते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें खेती से रोकने के लिए जमीन पर कांटेदार तार लगा दिए हैं, जिससे गुस्सा और बढ़ गया। इसी के विरोध में नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति ने आंदोलन का आह्वान किया था।
प्रशासन बनाम किसान
नगड़ी में किसानों की भारी भीड़ जुटने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है। नगड़ी आने वाली सैकड़ों गाड़ियों को रोक दिया गया है। रांची और आसपास के जिलों की सीमाओं पर चेकपोस्ट बनाकर गाड़ियों की जांच हो रही है।
प्रशासन का कहना है कि यह सब कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया जा रहा है। वहीं किसानों और नेताओं का आरोप है कि प्रशासन उनकी आवाज को दबाने और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने की कोशिश कर रहा है।
प्रशासन की सख्ती के बावजूद नगड़ी में किसान पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। कई किसान दिशोम गुरु शिबू सोरेन के मास्क पहनकर सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि यह सिर्फ जमीन का मामला नहीं बल्कि अस्तित्व और अस्मिता की लड़ाई है।
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