
धनबाद: कांग्रेस नेता और धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में बुधवार को फैसला सुनाया जाएगा। यह फैसला एमपी-एमएलए न्यायालय के विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत से आएगा।
झारखंड का हाई प्रोफाइल केस
यह मामला झारखंड का सबसे चर्चित राजनीतिक हत्याकांड माना जाता है। 21 मार्च 2017 को धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र में नीरज सिंह समेत उनके अंगरक्षक मुन्ना तिवारी, पीए अशोक यादव और ड्राइवर घोलटू महतो की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना ने पूरे राज्य को हिला दिया था।
आरोप और लंबे इंतजार के बाद सुनवाई
हत्या के आरोप झरिया के तत्कालीन विधायक एवं नीरज सिंह के भाई संजीव सिंह पर लगे। वह आठ साल से ज्यादा समय तक जेल में रहे और हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने के बाद बाहर आए। इस केस में अभियोजन पक्ष ने 37 गवाह और बचाव पक्ष ने पांच गवाह पेश किए। चार चश्मदीद गवाह भी कोर्ट में बयान दे चुके हैं।
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कौन-कौन हैं आरोपी
कोर्ट ने इस मामले के आरोपियों—पूर्व विधायक एवं नीरज सिंह के भाई संजीव सिंह, डबलू मिश्रा, संजय सिंह, सोनू उर्फ कुर्बान अली, पंकज सिंह, जैनेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह और धनजी उर्फ धनंजय सिंह—को अदालत में मौजूद रहने का आदेश दिया है। वहीं, सागर सिंह उर्फ शिबू, विनोद सिंह और चंदन सिंह उर्फ रोहित जेल में बंद हैं और उनकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हो सकती है। एक आरोपी अमन सिंह की पहले ही जेल में हत्या हो चुकी है।
दोनों घराने कर रहे हैं फैसले का इंतजार
इस केस में दोनों घरानों की निगाहें फैसले पर टिकी हैं। तीन दिन पहले झरिया विधायक रागिनी सिंह ने अस्पताल में भर्ती अपने पति और पूर्व विधायक संजीव सिंह की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की थी।
धनबाद में सुरक्षा कड़ी
एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि फैसले को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कोर्ट परिसर, थाना क्षेत्र और संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती होगी। झरिया और कतरास मोड़ पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।
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