
पोटका : पोटका प्रखंड में जनवितरण प्रणाली के तहत तीन महीने के राशन वितरण में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को खाद्य आपूर्ति विभाग के मार्केटिंग ऑफिसर (एमओ) डॉ. अशोक कुमार और एजीएम से मिला.
बैठक में एमओ डॉ. अशोक कुमार ने स्पष्ट किया कि जून, जुलाई और अगस्त महीने का चावल और गेहूं सभी जनवितरण प्रणाली (डीपीएस) दुकानों तक डोर स्टेप डिलीवरी प्रणाली के माध्यम से भेजा जा चुका है. उन्होंने कहा, “अगर कोई दुकानदार लाभुकों को राशन नहीं देता है, तो उसकी शिकायत हमें दें, निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी. सरकार की मंशा है कि कोई भी राशन कार्डधारी खाद्यान्न से वंचित न रहे.”
झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सुधीर सोरेन ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “अगर किसी भी क्षेत्र या पंचायत में राशन वितरण में गड़बड़ी पाई जाती है, तो हम स्थानीय विधायक संजीव सरदार और राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री को लिखित शिकायत देंगे.” उन्होंने कहा कि जनता के हक का अनाज कोई भी नहीं दबा सकता. सरकार की योजना को सही ढंग से ज़मीन पर लागू करना दुकानदारों की जिम्मेदारी है.
इस प्रतिनिधिमंडल में झारखंड आंदोलनकारी बबलू चौधरी, सुधीर सोरेन, हितेश भगत, विद्यासागर दास, देव पालीत, शुभम बोस, लोथरो टुडू समेत कई स्थानीय कार्यकर्ता शामिल थे. सभी ने एक स्वर में अनाज वितरण में पारदर्शिता लाने की आवश्यकता जताई.
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