
सरायकेला: नगर निकायों में पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने की पात्रता निर्धारण को लेकर डोर-टू-डोर सर्वेक्षण की समीक्षा हेतु परिसदन सभागार, सरायकेला में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष जानकी प्रसाद यादव ने की, जिसमें आयोग के सदस्य नंदकिशोर मेहता और लक्ष्मण यादव भी उपस्थित थे।
बैठक में जिले में हाल ही में कराए गए सर्वेक्षण की अद्यतन रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष ध्यान पिछड़े वर्गों की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक स्थिति के विश्लेषण पर दिया गया। जाति, आय, प्रमाण-पत्र और अंचल कार्यालय में लंबित आवेदनों की गहन समीक्षा कर अधिकारियों को समयबद्ध समाधान का निर्देश दिया गया।
बैठक में प्राकृतिक आपदाओं, सर्पदंश और आकस्मिक मौत से पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया तेज करने और योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर बल दिया गया। हाथी प्रभावित क्षेत्रों में किसानों की क्षति के मद्देनज़र उचित मुआवजा और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए ऋण और अन्य लाभ तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा के क्षेत्र में सभी योग्य छात्रों को छात्रवृत्ति, साइकिल और भोजन योजनाओं का लाभ देने, तथा निजी विद्यालयों में निर्धन छात्रों के नामांकन की निगरानी को प्राथमिकता देने को कहा गया।
मनरेगा योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने तथा किसानों को सस्ती दर पर बीज, खाद और फलदार पौधे उपलब्ध कराने पर भी ज़ोर दिया गया।
इस बैठक में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, आदित्यपुर के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश, अनुमंडल पदाधिकारी (सरायकेला व चांडिल), उप नगर आयुक्त पारुल सिंह, जिला कल्याण पदाधिकारी, शिक्षा पदाधिकारी, मत्स्य पदाधिकारी सहित सभी प्रखंडों के बीडीओ-सीओ एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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