
रांची: झारखंड सरकार ने कोचिंग संस्थानों पर नियंत्रण के लिए नया कानून बना दिया है। कल, 26 अगस्त को विधानसभा ने झारखंड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक-2025 को मंजूरी दे दी। अब राज्य में कोचिंग संस्थान मनमाना शुल्क नहीं ले सकेंगे और कई नए नियमों का पालन करना होगा।
नए कानून की मुख्य बातें
50 से अधिक छात्रों वाले कोचिंग संस्थान पर यह कानून लागू होगा।
संस्थान को खोलने के लिए छह महीने में पांच साल के लिए पांच लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा करनी होगी।
हर सेंटर का अलग रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा।
जिला और राज्य स्तर पर रेगुलेटरी कमेटी बनेगी, जो कोचिंग संस्थानों की निगरानी करेगी।
छात्रों की सुरक्षा और सुविधा पर जोर
16 साल से कम उम्र के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए अभिभावक की लिखित अनुमति लेनी होगी।
1000 से ज्यादा छात्रों वाले सेंटर में एक मनोचिकित्सक की नियुक्ति अनिवार्य होगी।
प्रत्येक छात्र को बैठने के लिए कम से कम एक वर्ग मीटर जगह दी जाएगी।
संस्थान को सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक ही संचालित करने की अनुमति होगी।
पारदर्शिता और शिकायत निवारण
हर कोचिंग सेंटर को अपनी फीस, कोर्स, शिक्षक और बुनियादी ढांचे की जानकारी रेगुलेटरी कमेटी और अपने वेब पोर्टल पर साझा करनी होगी।
छात्रों और अभिभावकों की सुविधा के लिए हर संस्थान में शिकायत सेल बनाना होगा।
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