Jamshedpur: जियाडा प्रबंध निदेशक से सिंहभूम चैम्बर की मुलाकात, औद्योगिक समस्याओं के समाधान की मांग

रांची: सिंहभूम चैम्बर के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष विजय आनंद मूनका के नेतृत्व में जियाडा के प्रबंध निदेशक प्रेरणा दीक्षित, भा.प्र.से. से रांची स्थित जियाडा भवन में मुलाकात की और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की.

इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग कलस्टर की समस्याएं

चर्चा की शुरुआत में, विजय आनंद मूनका ने जियाडा प्रबंध निदेशक का ध्यान इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग कलस्टर (ईएमसी) की खराब स्थिति की ओर आकर्षित किया. उन्होंने कहा कि ईएमसी क्षेत्र में अतिक्रमण हो रहा है, सड़कों की स्थिति खराब है, और स्ट्रीट लाइटों की अनुपस्थिति ने इस क्षेत्र को अंधेरे में डुबो दिया है. मूनका ने इस बात पर चिंता जताई कि इस क्षेत्र में नशा करने वालों का जमावड़ा भी बढ़ रहा है, जिससे कलस्टर की सक्रियता और सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है.

उन्होंने यह भी कहा कि ईएमसी का उद्देश्य अब तक पूरा नहीं हो पाया है और इसके सुधार के लिए तुरंत कदम उठाए जाने की आवश्यकता है. इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक कलस्टर के लिए आवंटित भूमि के डायवर्सन का मुद्दा भी सामने लाया गया.

आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की समस्याएं

उपाध्यक्ष पुनीत कांवटिया ने आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को उठाया. उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र की सड़कों की स्थिति दयनीय हो चुकी है, और ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से फेल हो चुका है. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि औद्योगिक इकाइयों में चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, और पार्किंग की व्यवस्था न होने के कारण सड़कों पर गाड़ियां खड़ी होने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है, जिससे दुर्घटनाएं हो रही हैं.

इसके अलावा, कांवटिया ने आदित्यपुर नगर निगम द्वारा होल्डिंग टैक्स की मांग को अनुचित बताया और इस मुद्दे पर ध्यान देने की अपील की.

झारखंड राज्य खनिज विकास निगम और सिंगल विंडो क्लीयरेंस

अधिवक्ता राजीव अग्रवाल ने झारखंड राज्य खनिज विकास निगम की स्थापना और सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम के कार्यान्वयन की मांग की. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जमशेदपुर के निकट औद्योगिक पार्क का निर्माण किया जाए और निवेशकों के लिए उचित सरकारी दर पर भूमि उपलब्ध कराई जाए.

अन्य प्रस्ताव और समस्याओं पर चर्चा

चर्चा के दौरान, अन्य मुद्दों जैसे निर्बाध बिजली आपूर्ति, एमएसएमई सुविधा केन्द्र की स्थापना और जमशेदपुर के अलावा अन्य क्षेत्रों के लिए एमएसएमई कलस्टर का गठन भी उठाए गए.जियाडा की प्रबंध निदेशक प्रेरणा दीक्षित ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और इन समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया. इस बैठक में सिंहभूम चैम्बर के अध्यक्ष विजय आनंद मूनका, मानद महासचिव मानव केडिया, उपाध्यक्ष पुनीत कांवटिया, और अधिवक्ता राजीव अग्रवाल सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित थे.

इसे भी पढ़ें :

Jamshedpur: रवींद्र संगीत की सुर लहरियों संग नववर्ष में डूबा शहर, बंगाली नववर्ष की प्रभात फेरी ने जगाई सांस्कृतिक चेतना

Spread the love

Related Posts

Bahragora : स्वर्णरेखा नदी से बरामद महाशक्तिशाली बम को सेना ने कब्जे में लिया, निष्क्रिय करने में जुटी

बहरागोड़ा :पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत पानीपाड़ा नागुडसाईं में पिछले नौ दिनों से कौतूहल और दहशत का कारण बना शक्तिशाली बम आखिरकार मंगलवार को भारतीय सेना के नियंत्रण…

Spread the love

Potka : बाल विवाह के खिलाफ किशोरियों को मिला नुक्कड़ नाटक का प्रशिक्षण

पोटका : सामाजिक संस्था “यूथ यूनिटी फॉर वालंटरी एक्शन” के तहत 23-24 मार्च को हाता स्थित युवा ऑफिस में दो दिवसीय नुक्कड़ नाटक का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यक्रम का…

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share this Page

Slide-In Box help you to share the page on the perfect time