बहरागोड़ा : शनिवार को एनएच-18 पर मुड़ाकाटी चौक के पास एक ऐसी मंजर देखने को मिली जिसने राहगीरों की रूह कंपा दी। टाटा की ओर से भुवनेश्वर जा रही ‘शांतिलता’ स्लीपर बस अचानक आग का गोला बन गई। लेकिन इस भीषण हादसे के बीच मानवता और सूझबूझ की जीत हुई। बस के चालक ने अपनी सतर्कता से एक बड़े नरसंहार को टाल दिया।
सफर सामान्य था, यात्री नींद के आगोश में थे, तभी मुड़ाकाटी चौक के समीप चालक को कुछ अनहोनी का अहसास हुआ। बस से आती आग की आहट और गंध ने चालक को चौकन्ना कर दिया। खतरे को भांपते हुए चालक ने बिना एक पल गंवाए बस को सुरक्षित खड़ा किया और यात्रियों को बाहर निकलने के लिए चिल्लाने लगा।जैसे ही आखिरी यात्री ने बस से कदम बाहर निकाला, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। सूचना पाकर बहरागोड़ा थाना पुलिस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने जांबाजी दिखाते हुए आग पर काबू तो पा लिया, लेकिन तब तक आलीशान स्लीपर बस लोहे के कंकाल में बदल चुकी थी।
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