जल, जंगल व जमीन है आदिवासियों की पहचान इसी से है अस्तित्व
पोटका : मुंडा स्वशासन व्यवस्था के पोटका प्रखंड कमिटी द्वारा पोटका मैदान में वार्षिक मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, भाजपा की पूर्व प्रत्याशी मीरा मुंडा, समाजसेवी नियरेंज हेरेंज, बौद्ध मुंडा, जय हरि सिंह मुंडा, सत्यनारायण मुंडा, होपना महाली, मनोज सरदार सहित मुंडा समाज के प्रखंड अध्यक्ष माधव मुंडा, संजय मुंडा समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने अपने संबोधन में कहा कि आदिवासी समाज प्रकृति पूजक रहा है और सदियों से जल, जंगल और जमीन की पूजा करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान और अस्तित्व जल, जंगल और जमीन से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए समाज को संगठित होकर बड़ी लड़ाई लड़नी होगी।

वहीं मुंडा समाज के प्रखंड अध्यक्ष माधव मुंडा ने कहा कि समाज में एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए मुंडा समाज को संगठित कर शिक्षा और सामाजिक-सांस्कृतिक क्षेत्र में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि समाज अपने अधिकारों के प्रति सजग रह सके। जंगल में आग लग रहे हैं इसकी सुरक्षा करने वाला कोई नहीं है समाज के लोगों को आगे आना होगा और जंगल की रक्षा करनी होगी। संजय मुंडा ने कहा कि समाज जितना संगठित होगा, उतना ही मजबूत होकर अपने हक और अधिकार की लड़ाई जीत सकेगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मुंडा समाज के लोग उपस्थित रहे और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सामाजिक एकता का संदेश दिया गया। इससे पहले पोटका चौक पर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा सहित सभी अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया। मुंडा समाज के महिला एवं पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-नगाड़ों के साथ अतिथियों का स्वागत करते नजर आए। कार्यक्रम की शुरुआत महापुरुषों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई, इसके पश्चात प्रकृति देवता की आराधना कर जल, जंगल और जमीन की रक्षा का संकल्प लिया गया।
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