- ग्रामीण एकजुटता से 300 साल पुरानी समस्या का समाधान
मुरी : राहे प्रखंड के भेड़ियागढ़ा मुंडा टोली में तीन पीढ़ियों से चली आ रही सड़क की समस्या आखिरकार समाप्त हो गई। लगभग 300 वर्षों से यहां सड़क नहीं थी, जिसके कारण मोटरसाइकिल तक गांव में नहीं पहुंच पाती थी। ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों, बाजार आने-जाने और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इस गंभीर समस्या पर जेलकेम केन्द्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने संज्ञान लिया और ग्रामीणों के साथ मिलकर श्रमदान के माध्यम से सड़क निर्माण का निर्णय लिया। सामूहिक प्रयास से गांव में कच्ची सड़क तैयार कर दी गई, जिससे अब आवागमन सुगम हो गया है।
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सामूहिक प्रयास से बदली गांव की तस्वीर
इस पहल में जगन्नाथ मुंडा, प्रदीप मुंडा, सोनू मुंडा, महावीर मुंडा, ब्रजकिशोर मुंडा, मुकेश मुंडा, दिलीप मुंडा, सुखदेव मुंडा, लुकेश मुंडा, इंद्रजीत मुंडा, दीपक मुंडा, किशन मुंडा, चंदन महतो, मनोज महतो, शुभम महतो, सनातन महतो, सावित्री देवी और मांडवी देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने श्रमदान कर योगदान दिया। देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यह कार्य सामूहिक एकजुटता और सकारात्मक सोच का प्रतीक है। सड़क बनने से अब बच्चे आसानी से स्कूल जा सकेंगे, महिलाएं बाजार पहुंच सकेंगी और जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत इलाज मिल सकेगा। यह पहल झारखंड के ग्रामीण विकास की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी है।