- सड़क मरम्मत के बाद भी दिखाई दी लंबी-लंबी दरारें, विभाग पर लापरवाही का आरोप
- कांग्रेस ने विभाग से दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
पोटका : जीवन रेखा के रूप में जानी जाने वाली हाता–मुसाबनी सड़क (एमडीआर 172) की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। यह सड़क लगभग एक साल पहले करोड़ों रुपये की लागत से मरम्मत कराई गई थी, लेकिन मरम्मत के कुछ ही महीनों बाद सड़क पर दरारें उभरने लगी थीं। ठेकेदार द्वारा दोबारा मरम्मत कराने के बावजूद अब एक साल के बाद सड़क के कई हिस्सों में लंबी-लंबी दरारें दिखाई दे रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार सरमादा, जुड़ी, दबाँकी पुलिया के समीप और कलिकापुर सहित कई स्थानों पर सड़क की स्थिति खतरनाक हो गई है।
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हाता–मुसाबनी सड़क में बार-बार मरम्मत के बावजूद गुणवत्ता पर सवाल
इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी के किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष आनंद दास एवं जिला महासचिव जय राम हांसदा ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और इसे गुणवत्ता के नाम पर लूट का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि मरम्मत केवल औपचारिकता निभाते हुए “थूक पॉलिश” की तरह की गई, जिसके कारण कुछ ही समय में सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। कांग्रेस नेताओं ने विभाग को लिखित शिकायत देने की बात कही और दोषी ठेकेदार के खिलाफ अविलंब कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं होने पर यह आम जनता के लिए गंभीर समस्या बन सकती है।