- दक्षिण पोटका में भक्ति, ज्ञान और संकीर्तन के संग उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
पोटका : पोटका प्रखंड के कोवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत मुहूलडीहा गांव में श्री श्री राधा गोविंद भागवत सेवा संघ, दक्षिण पोटका की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा भक्ति सह ज्ञान यज्ञ के छठे दिन गुरुवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। शाम 5 बजे भागवत भगवान की आरती, मंगलाचरण और संकीर्तन के साथ प्रवचन की शुरुआत हुई। कथावाचक गोविंद दास शास्त्री जी महाराज ने राधा कुंड के प्रकाश, गोचरण लीला, मथुरा गमन, कंस वध, द्वारिका गमन तथा कृष्ण-रुक्मणी विवाह जैसे प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कंस वध की आकर्षक झांकी प्रस्तुत होते ही श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे और पूरा पंडाल जयकारों से गूंज गया।
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अहंकार त्याग और सद्भाव का दिया संदेश
महाराज ने प्रवचन के दौरान कहा कि जीवन में समस्याएं प्रतिदिन आती हैं, लेकिन बड़ी सोच रखने वाले ही विजय प्राप्त करते हैं। “जिनके रक्षक स्वयं भगवान हों, उन्हें कोई पराजित नहीं कर सकता,” कहते हुए उन्होंने अहंकार त्यागकर भगवान की शरण में जाने का संदेश दिया। लीला और क्रिया के अंतर को स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया कि अभिमान और स्वयं सुखी रहने की इच्छा ‘क्रिया’ है, जबकि दूसरों को सुखी रखने की भावना ‘लीला’ है। सांसारिक जीवन में सुखी रहने के लिए उन्होंने पांच बातों का विशेष उल्लेख किया—खर्च करना है तो कमाना सीखिए, लिखना है तो सोचना सीखिए, पूजा करनी है तो विश्वास करना सीखिए और बोलने से पहले सुनना सीखिए। कृष्ण-रुक्मणी विवाह प्रसंग के माध्यम से उन्होंने युवाओं को वैवाहिक जीवन को खिलौना न समझने की सीख दी।
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विधायक ने लिया आशीर्वाद, प्रसाद वितरण के साथ समापन
कथा स्थल के व्यास पीठ पर पोटका विधानसभा के विधायक संजीव सरदार ने पहुंचकर माथा टेक भागवत का आशीर्वाद लिया और महाराज के संदेशों को जीवन में अपनाने की बात कही। आयोजन की सफलता में अध्यक्ष रामेश्वर पात्र, मोहनलाल सरदार, महानंद रजक, जयहरी सिंह मुंडा, दिनेश कुमार गुप्ता, आशुतोष मंडल, रंजीत महाकुड़, भीमसेन खंडवाल, नरोत्तम दास सहित कई सदस्यों का विशेष योगदान रहा। कथा के समापन पर सुब्रत कुमार मंडल, उनकी धर्मपत्नी नमिता मंडल, पुत्र प्रीतीश मंडल एवं गिरीश मंडल द्वारा श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।