- उपायुक्त के निर्देश पर चले अभियान से जिले में बढ़ी जीवनरक्षक जागरूकता
रामगढ़ : रामगढ़ जिले में उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज के निर्देश पर चलाए गए व्यापक सीपीआर एवं फर्स्ट एड प्रशिक्षण अभियान का सकारात्मक परिणाम अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। जिला प्रशासन द्वारा दो लाख से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किए जाने का लाभ आमजन को मिल रहा है। शुक्रवार सुबह गोला प्रखंड के पूरबडीह निवासी अरुण कुमार मॉर्निंग वॉक के दौरान अचानक सड़क पर गिरकर मूर्छित हो गए। आसपास मौजूद लोगों को कुछ समझ में आता, उससे पहले वहां से गुजर रहे स्थानीय युवक टेकलाल महतो की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने तुरंत स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए प्राथमिक जांच की और पाया कि अरुण कुमार अचेत अवस्था में हैं।
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प्रशिक्षण से मिली सीख बनी जीवनरक्षक
टेकलाल महतो ने बिना समय गंवाए अरुण कुमार को मौके पर ही सीपीआर देना शुरू कर दिया। कुछ ही मिनटों में सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखी और अरुण कुमार को होश आ गया। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गोला पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, रामगढ़ रेफर किया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद उनकी स्थिति स्थिर बताई और समय पर दिए गए सीपीआर को उनकी जान बचाने में निर्णायक बताया। टेकलाल महतो ने बताया कि उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा आयोजित सीपीआर एवं फर्स्ट एड प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया था, जहां आपातकालीन स्थिति में त्वरित निर्णय और जीवनरक्षक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई थी।
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उपायुक्त ने की सराहना, अभियान को बताया सफल पहल
इस घटना ने यह साबित कर दिया कि सही प्रशिक्षण और जागरूकता से आम नागरिक भी संकट की घड़ी में नायक बन सकते हैं। उपायुक्त रामगढ़ ने टेकलाल महतो की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण अभियान जिले के लोगों को आपात परिस्थितियों में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए सशक्त बना रहा है। उन्होंने कहा कि समय पर दी गई प्राथमिक चिकित्सा और सीपीआर किसी भी व्यक्ति के लिए जीवन और मृत्यु के बीच निर्णायक साबित हो सकती है। जिला प्रशासन आगे भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखेगा, ताकि अधिक से अधिक लोग प्रशिक्षित होकर समाज में जीवनरक्षक की भूमिका निभा सकें।