- धान की नर्सरी तबाह, रोपाई से पहले उजड़ी उम्मीदें, वन विभाग अलर्ट
- श्मशान घाट के रास्ते खेतों में घुसे हाथी
बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड के शालदोहा गांव में हाथियों के उत्पात से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। तीन हाथियों के एक झुंड ने गांव की उपजाऊ कृषि भूमि में घुसकर धान की नर्सरी (बिचड़ा) को पूरी तरह रौंद डाला। यह वही नर्सरी थी, जिससे अगले 48 घंटे के भीतर रोपाई की तैयारी की जा रही थी। ग्रामीणों के अनुसार हाथियों का झुंड श्मशान घाट की ओर से गांव में दाखिल हुआ और कुछ ही मिनटों में महीनों की मेहनत को नष्ट कर दिया। किसानों ने अपनी आंखों के सामने फसल को बर्बाद होते देखा। हाथियों को भगाने के लिए ग्रामीणों ने मशालें जलाईं और बम-पटाखे भी फोड़े, लेकिन आक्रामक हाथियों के सामने सभी प्रयास बेकार साबित हुए।
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मुआवजे के लिए आवेदन की अपील
घटना के बाद शालदोहा समेत आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। भले ही हाथी जंगल की ओर लौट गए हों, लेकिन ग्रामीणों में भय बना हुआ है कि वे दोबारा लौट सकते हैं। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद हाथियों को लोधासूली जंगल की ओर खदेड़ने में सफलता पाई। इसके साथ ही क्षेत्र में पेट्रोलिंग भी बढ़ा दी गई है। वन विभाग के रेंजर दिग्विजय सिंह ने बताया कि विभाग किसानों के साथ खड़ा है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने प्रभावित किसानों से अपील की कि वे अपने नुकसान से संबंधित आवेदन जल्द से जल्द विभागीय कार्यालय में जमा करें, ताकि मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जा सके।