रांची: तमाड़ प्रखंड कार्यालय के समक्ष शनिवार को माकपा (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी – मार्क्सवादी) और किसान सभा के बैनर तले जनमुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक धरना देने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम 27 सूत्री मांगपत्र अंचलाधिकारी को सौंपा गया। सूचना मिलने पर बीडीओ (प्रखंड विकास पदाधिकारी) के कार्यालय से निकल जाने पर प्रदर्शनकारियों में गहरा आक्रोश देखा गया।
मुख्य वक्ता माकपा राज्य सचिव मंडल सदस्य एवं झारखंड राज्य किसान सभा के अध्यक्ष सुफल महतो ने कहा कि प्रखंड कार्यालयों में भ्रष्टाचार चरम पर है। अधिकारी जनता की सेवा के बजाय लूट-खसोट में लगे हैं। आदिवासी, दलित, पिछड़े और गरीब किसान योजनाओं के लाभ से वंचित हैं।
उन्होंने कहा कि पंचायतों में धान क्रय केंद्र नहीं होने से किसानों को एमएसपी का लाभ नहीं मिल रहा, जिससे वे महाजनों के शोषण का शिकार बन रहे हैं। वहीं, मनरेगा में साल भर में मुश्किल से 23 दिन काम मिलता है, हाथियों के आतंक से फसल बर्बाद हो रही है और पलायन-बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है।
सुफल महतो ने घोषणा की कि इन जनमुद्दों को लेकर 26 नवंबर को राजधानी रांची सहित सभी जिला मुख्यालयों पर देशव्यापी किसान प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता मनबोध मुंडा ने की और संचालन नेहरू लाल मुंडा ने किया। कार्यक्रम को जिला सचिव दिवाकर सिंह मुंडा, जिला कमिटी सदस्य लोधरो मुंडा, मंगल मुंडा, जेहरू लाल मुंडा, विशेश्वर महतो, सोमबारी देवी, गुरूवारी देवी, लुडूमनी देवी, तिजन देवी, सोना मुंडा, बिजली देवी, जयपाल सिंह मुंडा, करम सिंह मुंडा, हरिबोला मांझी, सुनदरसाय महतो और शिवचरण मुंडा समेत कई नेताओं ने संबोधित किया।
धरना स्थल पर “घूसखोरी नहीं चलेगी”, “हर पंचायत में धान क्रय केंद्र खोलो”, “हाथियों के आतंक से किसानों को बचाओ”, “मनरेगा में 200 दिन काम और 600 रुपये मजदूरी दो”, “सभी गरीबों को आवास-पेंशन दो”, “पेसा नियमावली लागू करो”, “स्थानीय नियोजन नीति बनाओ”, “पलायन और भूमि बैंक पर रोक लगाओ”, “किसानों को वन पट्टा दो” जैसे नारे लगातार गूंजते रहे। धरना के आयोजन में तमाड़ लोकल कमिटी के सचिव लोधरो मुंडा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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