
रांची: झारखंड की राजधानी रांची इस बार एक राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व की मेज़बानी करने जा रही है. पूर्वी क्षेत्रीय परिषद (Eastern Zonal Council) की 27वीं बैठक गुरुवार को रांची में आयोजित की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्वयं करेंगे. गृह मंत्री बुधवार शाम को ही रांची पहुंचेंगे और अधिकारियों से पूर्व तैयारियों की समीक्षा करेंगे.
बैठक में हेमंत सोरेन की अगुवाई में शामिल होगा झारखंड
झारखंड की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और भूमि एवं राजस्व मंत्री दीपक बिरुआ बैठक में भाग लेंगे.
यह बैठक चार राज्यों — झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल — के आपसी सहयोग, क्षेत्रीय समन्वय, विकास योजनाओं की प्रगति, और आंतरिक सुरक्षा जैसे विषयों पर केंद्रित रहेगी.
नीतीश-ममता की गैरमौजूदगी, लेकिन प्रतिनिधिमंडल मौजूद
बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शामिल नहीं होंगे. हालांकि, इन राज्यों का प्रतिनिधित्व उनके वित्त मंत्रियों — सम्राट चौधरी (बिहार) और सी. भट्टाचार्य (पश्चिम बंगाल) — द्वारा किया जाएगा. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी की उपस्थिति की संभावना जताई जा रही है. चारों राज्यों के मुख्य सचिव, डीजीपी सहित अन्य उच्चाधिकारी भी बैठक में शामिल होंगे. अनुमान है कि कुल 80 से 85 प्रतिनिधि इस महत्त्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेंगे.
कौन-कौन से एजेंडे पर होगी चर्चा?
बैठक में लगभग 20 प्रमुख एजेंडों पर विचार-विमर्श संभावित है. इनमें शामिल हैं:
आंतरिक सुरक्षा और नक्सल समस्या
सीमा प्रबंधन और अंतर-राज्यीय कानून व्यवस्था
केंद्र-राज्य समन्वय में सुधार
विकास योजनाओं की समीक्षा और प्रगति
झारखंड सरकार केंद्र से अपने हिस्से की 1.36 लाख करोड़ रुपये को लेकर एक आधिकारिक मांग पत्र भी गृह मंत्री को सौंपेगी. इस पत्र के माध्यम से राज्य के अधिकारों को लेकर एक मजबूत संदेश देने का प्रयास होगा.
क्या यह बैठक क्षेत्रीय विकास की नई इबारत लिखेगी?
पूर्वी भारत, जो लंबे समय से संसाधनों की प्रचुरता के बावजूद विकास के पिछड़ेपन से जूझ रहा है, इस बैठक से राज्यों के बीच नीति समन्वय और केंद्र से उचित समर्थन की उम्मीद लगाए बैठा है. राजनीतिक दृष्टि से यह बैठक संसदीय चुनावों से पहले केंद्र और राज्य के रिश्तों की बुनियादी समझ बनाने का भी अवसर बन सकती है.
बैठक से पहले प्रशासनिक हलचल तेज
संवेदनशीलता को देखते हुए गृह मंत्रालय सचिवालय से कई वरिष्ठ अधिकारी रांची पहुंच चुके हैं. संयुक्त सचिव मनोज केजरीवाल ने रांची में संबंधित अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा बैठक भी की है. सुरक्षा के दृष्टिकोण से रांची में विशेष प्रबंध किए गए हैं.
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