जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की पहल पर गुड़ाबांदा प्रखंड के किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) से जुड़े 20 किसान प्रतिनिधि गुमला के ‘गोट ट्रस्ट’ में दो दिवसीय अध्ययन यात्रा पर गए हैं। यह भ्रमण 28 और 29 अगस्त को आयोजित हो रहा है।
इस यात्रा का मकसद है किसानों को बकरी पालन के आधुनिक तरीके और विपणन प्रणाली की जानकारी देना, ताकि इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में स्वरोजगार का मजबूत विकल्प बनाया जा सके।
प्रशिक्षण में क्या सीखेंगे किसान
प्रतिनिधियों को बताया जाएगा –
- बकरियों की देखभाल और स्वास्थ्य प्रबंधन के आधुनिक तरीके
- नस्ल सुधार और स्वस्थ बकरों के विकास की प्रक्रिया
- टीकाकरण, दवा और औषधियों का सही इस्तेमाल
- विपणन प्रणाली और बेहतर बाजार प्रबंधन
साथ ही उन्हें यह भी जानकारी दी जाएगी कि अगर गुड़ाबांदा प्रखंड इस मॉडल को अपनाता है, तो ‘गोट ट्रस्ट’ तकनीकी और संस्थागत सहयोग कैसे देगा।
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा, “गुमला का ‘गोट ट्रस्ट’ मॉडल इस क्षेत्र के लिए प्रेरणादायी है। गुड़ाबांदा के किसान इस भ्रमण से सीख लेकर न सिर्फ आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि अपने अनुभव को अन्य किसानों के साथ साझा कर पूरे प्रखंड में संगठित बकरी पालन को बढ़ावा देंगे।”
यात्रा से लौटने के बाद प्रतिभागी किसान अपने अनुभव और प्रशिक्षण को स्थानीय स्तर पर साझा करेंगे, ताकि अधिक से अधिक किसान इससे लाभान्वित हों और मजबूत विपणन व्यवस्था विकसित की जा सके।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur में झारखंड का पहला सौर ऊर्जा प्लांट शुरू, 75 करोड़ की लागत से बना प्लांट
There is no ads to display, Please add some



















































