
जमशेदपुर: समाहरणालय स्थित उपायुक्त कार्यालय कक्ष में जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के समक्ष लोगों ने अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक समस्याएं रखीं।
हर वर्ग की समस्याएं, हर क्षेत्र से जुड़ी मांगें
इस अवसर पर नागरिकों द्वारा उठाए गए मुद्दे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हुए थे। प्रमुख शिकायतों में शामिल रहे:
सड़क निर्माण एवं मरम्मत
भूमि विवाद एवं म्यूटेशन
योग शिक्षक नियुक्ति
अनुकंपा व सरकारी नौकरी की मांग
आवासीय प्रमाण पत्र और पेंशन संबंधित शिकायतें
दिव्यांग व विधवा पेंशन से वंचित लाभार्थी
लेबर कोर्ट में लंबित मामलों की सुनवाई में विलंब
अतिक्रमण हटाने की मांग
ऑनलाइन लगान भुगतान में तकनीकी दिक्कत
चौकीदार की दूसरी नियुक्ति सूची की मांग
बिल्डर के खिलाफ उपभोक्ता की शिकायतों पर एफआईआर न होने की बात
विस्थापित परिवारों की समस्याएं
ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े मुद्दे
मंइयां सम्मान योजना का लाभ न मिलना
देशी शराब दुकान को बंद करने की मांग
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांग और ग्रामीण युवक-युवतियां मौजूद रहे। कई मामलों में संबंधित विभाग के अधिकारियों ने मौके पर ही पूछताछ कर कार्रवाई प्रारंभ की। गंभीर और जटिल शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों को सौंपते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि समाधान समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा— “शिकायतों का निपटारा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि जन शिकायत निवारण दिवस का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि प्रशासन और नागरिकों के बीच पारदर्शी संवाद स्थापित करना है। प्रशासन का यह प्रयास है कि हर व्यक्ति को सुना जाए और न्याय मिले।
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