- मुस्लिम समुदाय की हथेली पर खड़ा होकर ऊंचा दिखते हैं बन्ना
- मानगो मेयर चुनाव पर सरयू राय का बयान: ‘ऊर्जावान नेतृत्व चुनें, घिसे-पिटे चेहरों से बचें’
- संध्या सिंह को एनडीए का समर्थन, नई पीढ़ी को मौका देने की अपील
जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने शनिवार को सोशल मीडिया के माध्यम से मानगो नगर निगम चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि मानगो की जनता को ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए जो “मेयरपति” बनने की मंशा रखते हैं। राय ने स्पष्ट किया कि एनडीए ने संध्या सिंह को समर्थन दिया है और वे स्वयं भी उनके पक्ष में वोट की अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानगो को घिसे-पिटे चेहरों की नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के ऊर्जावान और जनसुविधाओं के प्रति समर्पित नेतृत्व की जरूरत है। राय ने मतदाताओं से आग्रह किया कि मतदान करते समय वे पुराने राजनीतिक समीकरणों से ऊपर उठकर नए नेतृत्व पर विचार करें।
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बन्ना गुप्ता पर तंज, मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति पर उठाए सवाल
राय ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर निशाना साधते हुए कहा कि वे मुस्लिम समुदाय के वोट के सहारे खुद को मजबूत मानते हैं। उन्होंने दावा किया कि 2024 के चुनाव में आजादनगर क्षेत्र में पड़े लगभग 37 हजार वोटों में से अधिकांश वोट बन्ना गुप्ता को मिले थे, जबकि उन्हें मात्र 419 वोट प्राप्त हुए। राय ने कहा कि अब मुस्लिम वोटों की दावेदारी में जेबा खान और जेबा कादरी भी शामिल हो गई हैं। ऐसे में मुस्लिम समाज को तय करना है कि वह किसे समर्थन देगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि मुस्लिम वोट खिसक गए तो बन्ना गुप्ता को अपनी वास्तविक स्थिति का एहसास हो जाएगा।
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‘हम सिर्फ दरी बिछाने के लिए नहीं’ : समुदाय के भीतर उठ रही आवाजें
सरयू राय ने कहा कि मुस्लिम समाज के भीतर यह सवाल उठ रहा है कि क्या वे सिर्फ नेताओं की सभाओं में दरी बिछाने के लिए हैं या उन्हें भी राजनीतिक भागीदारी और अधिकार मिलना चाहिए। राय के अनुसार, सत्ता में बैठे नेताओं ने उन समुदायों को पर्याप्त अधिकार नहीं दिए जिनके समर्थन से वे मंत्री और विधायक बने। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दबंग तत्वों के सहारे राजनीति करने की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। राय ने कहा कि मानगो के मतदाताओं को इस मानसिकता से नगर निगम को बचाना होगा और ऐसे नेतृत्व का चयन करना होगा जो सबको साथ लेकर चले।
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मानगो नगर निगम गठन की मुहिम का किया जिक्र
राय ने याद दिलाया कि मानगो को अलग नगर निगम बनाने की मुहिम सबसे पहले उन्होंने ही शुरू की थी। उनका कहना था कि यदि मानगो को स्वतंत्र नगर निगम का दर्जा मिलेगा तो केंद्र सरकार से मिलने वाली अनुदान राशि सीधे क्षेत्र के विकास में खर्च की जा सकेगी। अब जब नगर निगम का पहला चुनाव हो रहा है, तो यह आवश्यक है कि मेयर ऐसा चुना जाए जो लंबित निधियों पर दावा कर सके और केंद्र व राज्य के साथ तालमेल बैठाकर विकास कार्यों को गति दे।
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‘मेयर नहीं, मेयरपति का चुनाव’ : तीखा राजनीतिक वार
राय ने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों से बन्ना गुप्ता अपनी पत्नी को आगे कर चुनावी रणनीति बना रहे हैं। उन्होंने इसे “मेयर नहीं, मेयरपति का चुनाव” बताते हुए कहा कि जनता को इस विडंबना को समझना चाहिए। राय ने दोहराया कि मानगो नगर निगम का यह पहला चुनाव है और यह अवसर नई पीढ़ी को नेतृत्व देने का है। उन्होंने कहा कि मेयर और पार्षद दोनों पदों पर ऐसे लोग चुने जाने चाहिए जो पारदर्शी शासन, बुनियादी सुविधाओं और सभी समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।