जमशेदपुर: पूजा के विसर्जन के बाद सुवर्णरेखा और खरकई नदी के पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए लगातार एक सप्ताह तक नमूने लिए गए। यह काम झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (JSPCB) के निर्देश पर 2 से 9 अक्टूबर तक किया गया। इस बार नदी में पर्याप्त पानी होने से विशेषज्ञों का अनुमान है कि प्रदूषण का स्तर पिछले साल की तुलना में कम रहेगा।
नमूनों का संग्रहण और परीक्षण
पानी के नमूने तीन प्रमुख स्थानों से एकत्रित किए गए:
मानगो पुल के पास सुवर्णरेखा घाट
सोनारी के दोमुहानी संगम स्थल
आदित्यपुर पुल के समीप बेली बोधनवाला घाट
इन नमूनों की जांच पीएच स्तर, घुलनशील ऑक्सीजन (DO), जैव रासायनिक ऑक्सीजन मांग (BOD) और कुल घुलनशील ठोस पदार्थ (TDS) के मापदंडों पर की जा रही है।
क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी जीतेंद्र सिंह ने बताया कि प्रत्येक सैंपल की जांच लगभग 24 घंटे में पूरी होती है। सभी नमूनों का कंपाइलेशन चल रहा है और जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद सार्वजनिक कर दी जाएगी।
पिछले वर्ष विसर्जन के बाद नदी में रासायनिक तत्वों की मात्रा अधिक पाई गई थी और घुलनशील ऑक्सीजन का स्तर घट गया था। हालांकि इस साल अच्छी बारिश के कारण जलस्तर बढ़ा है, जिससे प्रदूषण का असर अपेक्षाकृत कम रहने की उम्मीद जताई जा रही है।