जमशेदपुर : मानगो नगर निगम चुनाव में महापौर के विजयी प्रत्याशी श्रीमती सुधा गुप्ता की जीत का जब कभी इतिहास लिखा जाएगा तब उपेंद्र सिंह मस्तान के नाम के बगैर वह इतिहास अधूरा होगा। जी हां, उपेंद्र सिंह मस्तान महापौर के चुनाव में किंग मेकर बनकर उभरे। उन्होंने ऐसा शतरंज चाल चला कि सब देखते रह गए। वोटरों को यह समझाने में सफल हुए कि देखो मैं परिवारवाद से अलग होकर सुधा गुप्ता को समर्थन कर रहा हूं और यही मानगो में महापौर के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार हैं। बताते चलें कि उपेंद्र सिंह मस्तान कोई और नहीं बल्कि संध्या सिंह का जीजा और नीरज सिंह का साढ़ू है ! उपेंद्र सिंह मस्तान वोटरों को यह कहने में कामयाब हुए कि मैं परिवारवाद से ऊपर उठकर चुनाव में सुधा गुप्ता के लिए काम कर रहा हूं। नतीजा 18601 वोटों के भारी अंतर से सुधा गुप्ता, संध्या सिंह को पराजीत करने में सफल रहीं। पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता भी उपेंद्र सिंह मस्तान पर भरोसा जताएं। जिस पर श्री मस्तान खरा उतरने में कामयाब हुये।

देश की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा के समर्थित उम्मीदवार संध्या सिंह को भाजपा के कद्दावर नेताओं समेत स्थानीय विधायक सरयू राय भी विजय दिलाने में सफल नहीं हुए। जबकि उपेंद्र सिंह मस्तान वोटों का ध्रुवीकरण करने में कामयाब हुये। आज पूरी भाजपा इस हार से आहत है। देखने वाली बात यह होगी कि भाजपा आने वाले दिनों में इस हार की समीक्षा के उपरांत क्या निर्णय लेती है ?
जानकार बताते हैं कि मेयर चुनाव के शुरुआती दिनों से बन्ना गुप्ता एवं उपेंद्र सिंह मस्तान के संबंधों की चर्चा जोरों पर रही। चुनाव प्रचार से लेकर जीत के जश्न तक में जो तस्वीरें सार्वजनिक हुई वह सुधा गुप्ता उनके पति बन्ना गुप्ता एवं उपेन्द्र सिंह मस्तान के मजबूत रिश्तों को बयां करने के लिए काफी है। भविष्य में विधानसभा व लोकसभा सभा चुनाव में यह जोड़ी क्या गुल खिलाती है यह वक्त बताएगा। लेकिन कुल मिलाकर बन्ना गुप्ता एवं मस्तान ने मिलकर जो इतिहास रचा उसकी चर्चा शहर में जोरों पर है।
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