
- मुख्य चुनाव आयुक्त बोले – मतदाता सूची से नाम हटाने से पहले होंगे पुख्ता सबूत, हर वोटर के साथ मजबूती से खड़ा है आयोग
- “मतदाताओं को डराने की राजनीति नहीं चलेगी” – मुख्य चुनाव आयुक्त
नई दिल्ली : एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार के बाद अब पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में भी SIR (Systematic Investigation and Rectification) प्रक्रिया को लागू किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में SIR कब से शुरू होगा, इसका निर्णय तीनों चुनाव आयुक्त मिलकर लेंगे और इसकी घोषणा उपयुक्त समय पर की जाएगी। उनके साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखने और फर्जी या दोहरे नाम हटाने के लिए की जा रही है।
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SIR की प्रक्रिया जल्द होगी शुरू, मतदाता सूची सुधार के लिए आयोग गंभीर
मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह भी कहा कि किसी भी मतदाता का नाम बिना ठोस प्रमाण के सूची से नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुछ लोगों द्वारा दोहरे मतदान के आरोप लगाए गए, लेकिन जब उनसे सबूत मांगे गए तो कोई ठोस जवाब नहीं मिला। ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग न तो झूठे आरोपों से डरता है और न ही मतदाताओं को डराने की साजिशों से पीछे हटेगा। उन्होंने दोहराया कि चुनाव आयोग सभी वर्गों और धर्मों के मतदाताओं के साथ बिना किसी भेदभाव के चट्टान की तरह खड़ा रहेगा।