
पशुपालकों में नाराजगी, मुआवजे की मांग
गुवा : तितलीघाट गांव में करंट प्रवाहित बिजली के तार की चपेट में आने से छह बकरियों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना 20 अगस्त की है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने घटना के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया। वहीं पशुपालकों ने मृत बकरियों को अपनी आजीविका का आधार बताकर सरकार से मुआवजा की मांग की। ग्रामीण मुंडा मनचुडिया सिद्धू ने बताया कि बिजली खंभे पर बज्रपात हुआ जिसके कारण होते तेज आवाज के साथ करंट प्रवाहित बिजली का तार टूटकर जमीन पर गिर गया। उस समय आसपास बकरियां चार रही थी। एक एक कर बकरियां करंट प्रवाहित तार की चपेट में आ गई। जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। जिसमें बामिया चाम्पिया की 3, मोसो चाम्पिया की दो तथा कैरा चाम्पिया की एक बकरी शामिल है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ लोग वहां मौजूद थे, लेकिन समय रहते बच गए, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही और जर्जर तार की वजह से अक्सर खतरा बना रहता है। अगर समय रहते मरम्मत और निगरानी की जाती, तो यह घटना टल सकती थी। पीड़ित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग से तुरंत मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि गरीब परिवारों की जीविका इन बकरियों पर निर्भर थी। इस नुकसान से उनकी आजीविका पर गहरा असर पड़ेगा।
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