
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में पीएम विश्वकर्मा योजना की प्रगति को लेकर शनिवार को जिला क्रियान्वयन समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने की।
महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र ने बताया कि जिले के 231 पंचायतों और 4 नगरीय निकायों से अब तक 26,526 लाभुकों का पंजीकरण हुआ है। इनमें से सबसे अधिक आवेदन टेलर, मेशन और कार्पेंटर श्रेणी से जुड़े हैं, जिनकी संख्या करीब 20 हज़ार है। लाभुकों को प्रशिक्षण देने और योजना की जानकारी गाँव-गाँव तक पहुँचाने के लिए जिले में जल्द ही विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
बैंकों में लंबित ऋण आवेदन
बैठक में सामने आया कि कई ऋण आवेदन अब भी बैंकों में लंबित हैं:
बैंक ऑफ इंडिया – 380 आवेदन लंबित (53 स्वीकृत)
भारतीय स्टेट बैंक – 280 आवेदन लंबित (169 स्वीकृत)
बैंक ऑफ बड़ौदा – 129 आवेदन लंबित (24 स्वीकृत)
पंजाब नेशनल बैंक – 84 आवेदन लंबित (32 स्वीकृत)
झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक – 31 आवेदन लंबित (1 स्वीकृत)
बैंकों ने बताया कि कई आवेदक पहले से अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ ले चुके हैं, कुछ खातों का NPA दर्ज है और कुछ लाभुक ऋण लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
उपायुक्त के निर्देश
उपायुक्त ने कहा कि योजना का मकसद लोगों को स्वरोजगार और स्थायी आजीविका से जोड़ना है। उन्होंने सभी बैंकों को चेतावनी दी कि 15 सितम्बर तक सभी लंबित आवेदनों का निपटारा हर हाल में किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए:
प्रशिक्षण प्राप्त लाभुकों और ई-वाउचर के बीच का अंतर जल्द खत्म किया जाए।
घाटशिला के गवर्नमेंट आईटीआई और जमशेदपुर के महिला आईटीआई में 30 सितम्बर तक सभी लाभुकों का प्रशिक्षण पूरा किया जाए।
बैंकों से निरस्त हुए आवेदनों की सूची कारण सहित प्राप्त की जाए और इच्छुक लाभुकों को फिर से ऋण दिलाने की कोशिश हो।
प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यशालाएं तय समय पर हर हाल में आयोजित हों।
उपायुक्त ने कहा कि यदि सभी कार्य समय पर पूरे हुए तो जिले के हजारों कारीगरों और लाभुकों की आजीविका पर सीधा सकारात्मक असर पड़ेगा। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे।
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