जमशेदपुर: जादूगोड़ा स्थित प्रसिद्ध माँ रंकिणी मंदिर की सरकारी जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। माँ रंकिणी कापड़गाड़ी घाट विकास समिति के अध्यक्ष दिनेश सरदार ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए उपायुक्त समेत कई अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
दिनेश सरदार ने उपायुक्त, धालभूम अनुमंडल पदाधिकारी, पोटका और मुसाबनी अंचल अधिकारी तथा घाटशिला एसडीओ को पत्र लिखकर अतिक्रमणकारियों की सूची सौंपी है। उन्होंने आग्रह किया है कि सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए ताकि मंदिर क्षेत्र के विकास कार्य बाधित न हों।
माँ रंकिणी मंदिर को झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग ने “सी ग्रेड” राजकीय पर्यटन स्थल के रूप में चिह्नित किया है। यहां वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग की योजनाओं के तहत सौंदर्यीकरण का काम होना है, लेकिन अवैध कब्जा इन योजनाओं में बाधा बन रहा है।
पूर्व में मुसाबनी अंचल अधिकारी अजय कुमार रजक के निर्देश पर पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में मंदिर की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया था। उस समय वाशिंग सेंटर का एक अवैध भवन तोड़ा गया था। जांच में यह जमीन मौजा बड़ाझरनाहील, थाना संख्या-1100, खाता संख्या-36, प्लाट संख्या-32 (35×60 फीट) बताई गई थी, जिस पर ग्राम रोहिनीबेड़ा के हाड़ीराम मांझी ने कब्जा कर रखा था।
दिनेश सरदार का आरोप है कि अब वही व्यक्ति दोबारा कुछ असामाजिक तत्वों की मदद से जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर इस पर रोक लगाने की मांग की है।
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