दुर्गापूजा के दौरान हत्या, डकैती और फायरिंग कर कारोबारियों में दहशत फैलाने की थी योजना, बिहार से शूटर बुलाने का खुलासा; भुवनेश्वर में बिल्डर की सुपारी लेकर हत्या करने की भी थी तैयारी
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के जुगसलाई थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी आपराधिक वारदात की साजिश को नाकाम करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से दो लोडेड हथियार, 25 जिंदा कारतूस और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी दुर्गापूजा के दौरान हत्या, डकैती और फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम देकर शहर के व्यवसायियों में भय पैदा करना चाहते थे। इसके बाद कारोबारियों से रंगदारी वसूलने की योजना थी। गिरफ्तार आरोपियों की योजना भुवनेश्वर में एक बिल्डर की सुपारी लेकर हत्या करने की भी थी।
पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि करीब 1:30 बजे वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर को गुप्त सूचना मिली कि कुछ स्थानीय अपराधी बिहार से शूटर बुलाकर जुगसलाई थाना क्षेत्र में खरकई नदी पर बने नए रेलवे पुल के पास किसी गंभीर आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं।
सूचना मिलने के बाद जुगसलाई थाना में सनहा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन और पुलिस उपाधीक्षक विधि-व्यवस्था के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खरकई नदी पर बने नए रेलवे पुल के पूर्वी छोर पर रेलवे ट्रैक के उत्तर दिशा में झाड़ियों के पास छापेमारी की। इस दौरान चार संदिग्धों को पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से हथियार और कारतूस बरामद
पुलिस की तलाशी में गिरफ्तार आरोपियों के पास से हथियार, कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजेश कुमार साहू, मन्नु कुमार, प्रतीक कुमार सिंह और विकास कुमार सिंह उर्फ रितिक के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, राजेश कुमार साहू के पास से चार जिंदा कारतूस से भरा एक लोडेड सिक्सर और सैमसंग गैलेक्सी मोबाइल बरामद किया गया। प्रतीक कुमार सिंह के पास से एक लोडेड देशी पिस्टल मिली, जिसकी मैगजीन में 7.65 एमएम के दो जिंदा कारतूस थे। उसके पास से सैमसंग कंपनी का मोबाइल भी बरामद हुआ।
वहीं, मन्नु कुमार के पास से 13 जिंदा सिक्सर कारतूस और एक वीवो मोबाइल, जबकि विकास कुमार सिंह उर्फ रितिक के पास से छह जिंदा कारतूस और एक नथिंग कंपनी का मोबाइल बरामद किया गया।
बिहार से शूटर बुलाकर वारदात को अंजाम देने की थी योजना
पुलिस की पूछताछ में राजेश कुमार साहू ने कथित तौर पर बताया कि वह मन्नु कुमार और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर आपराधिक वारदात की योजना बना रहा था। इसके लिए प्रतीक कुमार के माध्यम से बिहार से शूटर बुलाने की तैयारी थी। योजना के तहत दुर्गापूजा के दौरान जुगसलाई थाना क्षेत्र में हत्या, डकैती और फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम देकर व्यवसायियों के बीच दहशत पैदा करनी थी, ताकि उनसे रंगदारी वसूली जा सके।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की योजना केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं थी। वे दुर्गापूजा के दौरान भुवनेश्वर में एक बिल्डर की सुपारी लेकर उसकी हत्या करने की भी तैयारी कर रहे थे। पुलिस अब इस कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों, बिहार से शूटर बुलाने की भूमिका और संभावित आपराधिक नेटवर्क की जांच कर रही है।
पहले भी गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल रहने का दावा
पुलिस के मुताबिक, राजेश कुमार साहू ने पूछताछ में खुद को पहले से एक संगठित आपराधिक गिरोह का सदस्य बताया है। पुलिस का दावा है कि वह गिरोह के अन्य सदस्यों के सहयोग से कदमा थाना क्षेत्र में डकैती और सोनारी थाना क्षेत्र में अपहरण की घटना को अंजाम दे चुका है। इन मामलों में वह करीब चार वर्षों तक न्यायिक हिरासत में भी रह चुका है।
जुगसलाई थाना में मामला दर्ज, अन्य बिंदुओं पर जांच जारी
इस मामले में जुगसलाई थाना कांड संख्या 82/26, दिनांक 17 अक्टूबर 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 111, 310(4), 310(5) तथा आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही, संभावित सहयोगियों, हथियारों के स्रोत और कथित सुपारी किलिंग की योजना के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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