जंगलमहल स्वराज मोर्चा ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से विशेष आर्थिक सहायता की मांग की, जिलाधिकारी को सौंपा मांग पत्र
झाड़ग्राम : पत्नी और मां को खोने तथा खुद सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे नयाग्राम के एक गरीब बंटाईदार के परिवार की मदद के लिए जंगलमहल स्वराज मोर्चा ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से विशेष आर्थिक सहायता की मांग की है। संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महतो के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को झाड़ग्राम के जिलाधिकारी के माध्यम से पत्र भेजकर झाड़ेश्वर महतो के परिवार को तत्काल आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की अपील की गई है।
झाड़ग्राम जिले के नयाग्राम थाना क्षेत्र के छोटो खाकड़ी गांव निवासी झाड़ेश्वर महतो की पत्नी लक्ष्मी महतो की 20 अक्टूबर 2026 को दुर्गापूजा की नवमी के दिन सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इस दुर्घटना में झाड़ेश्वर भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। इलाज के बाद 27 अक्टूबर को वह घर लौटे। इसी बीच 28 अक्टूबर को उनकी बुजुर्ग मां का भी निधन हो गया। महज आठ दिनों के भीतर परिवार पर दोहरी विपत्ति आ गई।
झाड़ेश्वर महतो की तीन नाबालिग बेटियां हैं। इनमें मुक्ता (10) और पन्ना (7) स्थानीय प्राथमिक विद्यालय में पढ़ती हैं, जबकि सबसे छोटी बेटी अन्ना (4) की पढ़ाई अभी शुरू नहीं हुई है। परिवार के पास बहुत कम कृषि भूमि है और मुख्य रूप से बंटाई पर खेती करके उसका गुजारा होता है। पत्नी और मां को खोने के साथ खुद के घायल होने के कारण अब तीनों बेटियों के पालन-पोषण, शिक्षा और भविष्य की जिम्मेदारी झाड़ेश्वर के सामने बड़ी चुनौती बन गई है।
मोर्चा ने मुख्यमंत्री से मानवीय आधार पर परिवार को तत्काल विशेष आर्थिक सहायता देने की मांग की है। इसके अलावा, संगठन ने संबंधित विभागों को यह जांच करने का निर्देश देने की अपील की है कि मृतका लक्ष्मी महतो राज्य सरकार की किसी सामाजिक सुरक्षा योजना से जुड़ी थीं या नहीं। पात्रता होने पर परिवार को संबंधित आर्थिक सहायता और अन्य सरकारी लाभ जल्द उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
पत्र में तीनों बच्चियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, देखभाल और अन्य आवश्यकताओं के लिए सरकारी योजनाओं के तहत सहायता उपलब्ध कराने तथा उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए दीर्घकालीन सहयोग सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया गया है।
इस संबंध में मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महतो ने कहा कि तीनों मासूम बच्चियों को उन परिस्थितियों का खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए, जिन पर उनका कोई नियंत्रण नहीं है। ऐसे कठिन समय में सरकार और समाज की जिम्मेदारी है कि वे परिवार के साथ खड़े हों, ताकि आर्थिक संकट के कारण बच्चियों की पढ़ाई और भविष्य प्रभावित न हो।
संगठन ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से मामले को मानवीय संवेदनशीलता के साथ देखते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। मोर्चा का कहना है कि समय पर सरकारी सहायता मिलने से संकटग्रस्त परिवार को राहत मिल सकती है और तीनों बच्चियों का भविष्य सुरक्षित करने में मदद मिलेगी।
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