जादूगोड़ा : पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र के मानपुर उप स्वास्थ्य केंद्र में नियमित डॉक्टर की व्यवस्था नहीं होने से स्थानीय ग्रामीणों को इलाज के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर ग्वालकाटा पंचायत के पूर्व मुखिया सीताराम हांसदा ने सोमवार को जिले के सिविल सर्जन साहिल पाल को ज्ञापन सौंपकर मानपुर उपस्वास्थ्य केंद्र में 24 घंटे डॉक्टर की सेवा उपलब्ध कराने की मांग की।
ज्ञापन में उन्होंने कहा कि उप स्वास्थ्य केंद्र में नियमित डॉक्टर की पदस्थापना नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खासकर रात के समय किसी के बीमार पड़ने पर समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो जाता है। गरीब परिवारों को इलाज के लिए करीब 25 किलोमीटर दूर सदर अस्पताल, परसुडीह जाना पड़ता है। लंबी दूरी और समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण मरीजों की जान पर भी खतरा बना रहता है। कई परिवारों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है, जो उनकी आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त बोझ डालता है।
सीताराम हांसदा ने कहा कि मानपुर और आसपास के गांवों की बड़ी आबादी आर्थिक रूप से कमजोर है। ऐसे में बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से मांग की कि मानपुर उप स्वास्थ्य केंद्र में चौबीसों घंटे डॉक्टर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि आपात स्थिति में ग्रामीणों को तत्काल इलाज मिल सके और अनमोल जिंदगियों को बचाया जा सके।
इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता संजय पात्र भी उपस्थित थे।
अब स्वास्थ्य विभाग की पहल पर टिकी निगाहें
ग्रामीणों की स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े इस मामले में अब देखना होगा कि सिविल सर्जन ज्ञापन पर कितनी गंभीरता से संज्ञान लेते हैं और मानपुर उप स्वास्थ्य केंद्र में नियमित चिकित्सा सेवा बहाल करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
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