चाईबासा (सिद्धार्थ पाण्डेय) : टाटा डीएवी पब्लिक स्कूल, नोवामुंडी में विश्व ओजोन दिवस के प्रतिभागियों को पुरष्कृत किया गया । कार्यक्रम की शुरुआत नवरात्रि को मद्देनजर रखते हुए भगवती वंदना एवं डांडिया नृत्य के साथ की गई जिसमें कनीय कक्षाओं के 76 बच्चों ने छठा बिखेरी । विद्यालय की प्राचार्या शशिकला ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं के बीच ओजोन परत के क्षय और उसके बचाव को लेकर विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।
विद्यालय स्तर पर मुख्य आकर्षण पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता रही, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी कला के माध्यम से पृथ्वी के इस सुरक्षा कवच (ओजोन परत) को बचाने का संदेश दिया। आधुनिक जीवनशैली और प्रदूषण के कारण हमारी ओजोन परत को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने बच्चों और शिक्षकों को प्रेरित किया कि वे पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें, पेड़-लगाएं और प्लास्टिक का उपयोग कम करके पृथ्वी को सुरक्षित बनाने में अपना योगदान दें।
साथ ही डांडिया का महत्व बताते हुए कहा कि पौराणिक कथाओं के अनुसार, डांडिया को मां दुर्गा और असुरराज महिषासुर के बीच हुए संग्राम का प्रतीकात्मक रूप माना जाता है। इसमें उपयोग होने वाली दोनों डांडिया छड़ें (डंडियां) मां दुर्गा के हथियारों, विशेषकर उनके त्रिशूल और तलवार का प्रतीक होती हैं, जबकि गरबा नृत्य मां के गर्भ (सृष्टि और जीवन के स्रोत) का प्रतिनिधित्व करता है।
ओजोन दिवस के विजय प्रतिभागियों में कक्षा अष्टम के नीति गिरी , विश्वसमिता मानसिंह,कक्षा नवम के गर्विता मोहंती ,कक्षा दशम के बैष्णवी एवं अनिक राहा एवं कक्षा द्वादश के सिद्धि वर्मा शामिल रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर पर्यावरण की रक्षा करने और ओजोन परत को नुकसान पहुंचाने वाले कारकों से बचने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन शांतिपाठ एवं राष्ट्रगान गाकर किया गया। मौके पर सभी कर्मचारी उपस्थित थे।
इसे भी पढ़ें : Chaibasa : झारखंड राज्य आजीविका प्रोत्साहन सोसाइटी जगन्नाथपुर की वार्षिक आम सभा आयोजित, विधायक का किया सम्मान
There is no ads to display, Please add some


















































