Ranchi : रुंगटा के सुंदरगढ़ कामंडा प्लांट में भीषण हादसा, टैंक फटने से 12 श्रमिकों की मौत, कारो और दक्षिण कोयल नदी में घुला जहरीला पानी

नदी का जहरीला पानी पीने से कई मवेशियों समेत मछलियों की मौत की खबर, लोगों में भय व्याप्त

रांची ​(एस के पाण्डेय) : ओडिशा स्थित रुंगटा कामंडा प्लांट में एक भीषण हादसा सामने आया है, जहाँ केमिकल/स्लरी टैंक फटने से 12 श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो गई। इस त्रासदी का असर केवल प्लांट तक सीमित नहीं रहा—प्लांट से निकले अत्यधिक जहरीले काले-लाल पानी के कारो और दक्षिण कोयल नदी में समाहित होने से ओडिशा और झारखंड के दर्जनों गाँवों में भारी तबाही मच गई है।

जहरीले पानी के प्रभाव से नदियों और स्थानीय जलाशयों में बड़ी संख्या में मछलियां मरकर तैरने लगी हैं, जबकि नदी का पानी पीने से कई मवेशियों की भी मौत की खबर है।

​इस गंभीर मानवीय और पर्यावरणीय संकट को देखते हुए AJSU के केंद्रीय सदस्य समीर शेख ने सुंदरगढ़ और आसपास के प्रभावित खनन व ग्रामीण क्षेत्रों का आपातकालीन तूफानी दौरा किया और स्थिति का प्रत्यक्ष जायजा लिया।

​ग्रामीणों में आक्रोश, शासन-प्रशासन के खिलाफ ऊबाल

​सुंदरगढ़ और सीमावर्ती इलाकों के ग्रामीणों एवं AJSU कार्यकर्ताओं के साथ आयोजित एक विशाल आपातकालीन बैठक में समीर शेख ने ओडिशा प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (OSPCB) को आड़े हाथों लिया।
​

घोर लापरवाही से हुई घटना : समीर शेख, केंद्रीय सदस्य (AJSU)

“यह महज कोई हादसा नहीं, बल्कि ओडिशा प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग की घोर लापरवाही से हुई आपराधिक हत्या है। एक तरफ जहाँ सरकार की विफलता के कारण ग्रामीण पहले से जल संकट से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ रुंगटा कामंडा प्लांट से निकलने वाला जहरीला काला पानी कारो और कोयल नदी में बहाकर हजारों ग्रामीणों के जीवन को खतरे में डाल दिया गया है। इन नदियों पर दर्जनों गाँवों की जिंदगी, खेती और मवेशी निर्भर हैं। अब यह लापरवाही और बर्दाश्त नहीं होगी!” समीर शेख ने स्पष्ट किया कि इस घटना की जवाबदेही तय करने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। बैठक में सर्वसम्मति से निम्नलिखित अहम निर्णय लिए गए:

​उच्चस्तरीय जांच की माँग: घटना की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए सुंदरगढ़ और क्योंझर (Keonjhar) के जिला कलेक्टरों (DC) को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की माँग की जाएगी।

प्रदूषण बोर्ड पर सवाल: ओडिशा पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (OSPCB) की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ प्रशासनिक निष्क्रियता का मामला दर्ज कराने की चेतावनी दी गई।
​मुआवजा व पुनर्वास: मृतक श्रमिकों के परिवारों को उचित मुआवजा, आश्रितों को नियोजन तथा प्रभावित ग्रामीणों व पशुपालकों के नुकसान की तुरंत भरपाई करने की माँग उठाई गई।

सड़क से सदन तक संघर्ष की चेतावनी

​बैठक में भारी संख्या में मौजूद स्थानीय ग्रामीण संघ के प्रतिनिधियों और AJSU कार्यकर्ताओं ने समीर शेख के नेतृत्व में एकजुट होकर आंदोलन का बिगुल फूँका। समीर शेख ने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए और कारो-कोयल नदी के प्रदूषण को रोकने के पुख्ता इंतजाम नहीं किए, तो ओडिशा और झारखंड के प्रभावित ग्रामीण मिलकर एक विशाल जनांदोलन खड़ा करेंगे। ​इस आपातकालीन बैठक में ओडिशा एवं झारखंड के कई वरिष्ठ AJSU कार्यकर्ता, स्थानीय जनप्रतिनिधि और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

इसे भी पढ़ें : Chaibasa : जिलाध्यक्ष सोनाराम सिंकु के नेतृत्व में चाईबासा में कांग्रेस का विरोध मार्च, मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन


There is no ads to display, Please add some
Spread the love

Related Posts

Jamshedpur : पुलिस जिस दिन चाह ले, उसी दिन से सट्टा और ड्रग्स का रुक जाएगा धंधा : सरयू राय 

सरयू का सवालः ड्रग्स-सट्टे का खेल रोकने में पुलिस क्यों पीछे हटी? बोले-कार्रवाई शुरू हुई तो सरगना तक पहुंचने की उम्मीद बंधी, कार्रवाई रुकी तो संदेह स्वाभाविक जमशेदपुर : शहर…

Spread the love

Kharagpur : खड़गपुर मंडल में 45 सेवानिवृत अधिकारियों – कर्मचारियों को दी गई ससम्मान विदाई 

खड़गपुर : दक्षिण पूर्व रेलवे के खड़गपुर मंडल में 45 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के अवसर पर बुधवार को मंडलीय रेलवे अस्पताल के सभागार में सम्मान सह सेटलमेंट बकाया भुगतान…

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share this Page

Slide-In Box help you to share the page on the perfect time