बहरागोड़ा: बहरागोड़ा क्षेत्र के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में मंगलवार को आयोजित शोक सभा में डॉ. नागेंद्र सिंह के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की गई।
डॉ. सिंह केवल एक चिकित्सक या अस्पताल संचालक नहीं थे, बल्कि समाज के प्रेरणास्रोत और सच्चे समाजसेवक भी थे। विद्यालय परिवार, छात्र और गणमान्य नागरिकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति की कामना की।
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संकुल प्रधानाचार्य अशोक कुमार नायेक ने शोक सभा में कहा, “डॉ. नागेंद्र सिंह केवल कुशल चिकित्सक नहीं थे, बल्कि सेवा भाव से परिपूर्ण प्रेरणादायी व्यक्तित्व थे। उनका सफेद कोट पेशे का प्रतीक नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं का कवच था।”
उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. सिंह का सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के प्रति योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनकी सामाजिक सक्रियता केवल किसी एक संस्था तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे बहरागोड़ा के उत्थान के लिए समर्पित थी।
शिक्षकों और छात्रों ने अपनी श्रद्धांजलि में डॉ. सिंह की निस्वार्थ सेवाओं को याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह ने यह साबित किया कि चिकित्सा केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि एक महान सेवा है। उनके आदर्श, मानवीय मूल्य और कर्तव्यनिष्ठा हमेशा लोगों को प्रेरित करते रहेंगे।
डॉ. नागेंद्र सिंह के जाने से समाज ने एक संवेदनशील और कर्तव्यनिष्ठ चिकित्सक खो दिया है, लेकिन उनकी सेवाओं की छाप हमेशा बहरागोड़ा के लोगों के हृदय में जीवित रहेगी।