सरायकेला: सरायकेला-खरसावां में अवैध बालू खनन और परिवहन पर रोक लगाने की मांग जोर पकड़ रही है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने उपायुक्त को आवेदन सौंपते हुए जिले में चल रहे अवैध बालू परिवहन और पुलिस प्रशासन के कथित अमानवीय व्यवहार पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
जिला अध्यक्ष दीपक महतो ने आवेदन में कहा कि पिछले कई दिनों से इचागढ़ थाना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध बालू परिवहन जारी है, जिससे राज्य सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि संबंधित विभागों की चुप्पी समझ से परे है और यह अवैध कारोबार प्रशासनिक मिलीभगत का परिणाम प्रतीत होता है।
आवेदन में झारखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट का हवाला देते हुए कहा गया कि जिले के सभी बालू घाट ‘Lapse’ यानी अवैध श्रेणी में हैं, फिर भी रात में बड़े-बड़े हाईवा बालू ढोते देखे जा रहे हैं।

JLKM ने अपने आवेदन में 18 नवंबर की घटना का जिक्र किया। ग्रामीणों के साथ उनके जनप्रतिनिधि तरुण महतो अवैध बालू लदे 100–150 हाईवा को रोकने गए थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें बिना किसी आधार के थाने ले जाकर बेरहमी से पीटा और झूठा मामला दर्ज कर जेल भेज दिया। पार्टी ने इसे “सार्वजनिक रूप से गलत और निंदनीय” बताया और सवाल उठाया कि यदि जनप्रतिनिधियों के साथ यह बर्ताव हो सकता है, तो आम जनता की सुरक्षा की उम्मीद कैसे की जाए।
आज 25 नवंबर को JLKM कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो JLKM के केंद्रीय अध्यक्ष एवं डुमरी विधायक जयराम महतो के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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