गुवा: गुवा, बड़ाजामदा, किरीबुरू और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार की अहले सुबह श्रद्धालुओं ने विभिन्न नदी घाटों पर उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर 36 घंटे के निर्जला उपवास का समापन किया। इस अवसर पर व्रतियों ने परिवार और समाज की सुख-शांति तथा समृद्धि की कामना की। पूजन के बाद व्रतियों ने शर्बत ग्रहण कर उपवास तोड़ा।
गुवा के सभी छठ घाटों पर महिला श्रद्धालुओं ने व्रतियों से आशीर्वाद प्राप्त किया। अर्घ्य के पश्चात छठ व्रत कथा का आयोजन हुआ, वहीं समाजसेवियों की पहल पर गंगा आरती का भव्य आयोजन भी संपन्न हुआ, जिसे बनारस से आए पंडितों ने कराया। स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत छठ गीतों ने घाट परिसर को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
बड़ाजामदा के नालदा और बाजार स्थित घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। गुवा के कारो नदी घाट पर उत्सव का माहौल रहा, जहां न्यू कॉलोनी और कल्याण नगर के लोगों ने सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित कर नमन किया।
इस अवसर पर पुजारी गौतम पाठक ने बताया कि छठी माता में रोगमुक्त करने की विशेष शक्ति है। श्रीमद्देवी भागवत के अनुसार, मूल प्रकृति के षष्ठ अंश से उत्पन्न होने के कारण देवी का नाम षष्ठी देवी पड़ा है, जो सूर्य की शक्ति का प्रतीक हैं।
गुवा थाना प्रभारी नीतीश कुमार पूरे आयोजन के दौरान घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे। उनका प्रयास पर्व को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में अहम रहा।