गुवा: झारखंड हाईकोर्ट ने रामाशंकर पांडेय उर्फ राम पांडेय के खिलाफ जारी निष्कासन (Exterment) आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति अंबुज नाथ की अदालत में हुई सुनवाई में यह स्पष्ट किया गया कि यह आदेश पुराने आपराधिक मामलों के आधार पर पारित किया गया था, जो 1996 से 2005 के बीच के हैं।
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अदालत का निर्णय
हाईकोर्ट ने कहा कि जिन मामलों का हवाला दिया गया है, वे बेहद पुराने हैं, इसलिए निष्कासन आदेश पर तुरंत अमल करना उचित नहीं होगा। अदालत ने मामले को पूजा अवकाश के बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।
फिलहाल 17 जून 2025 को C.C.A केस नंबर 05/2024-25 में जारी निष्कासन आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक (Stay) बनी रहेगी। इसका मतलब है कि पांडेय पर फिलहाल यह आदेश लागू नहीं होगा।
पक्षकारों की दलीलें
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता गौतम कुमार ने दलील दी कि निष्कासन आदेश पुराने मामलों के आधार पर मनमाने ढंग से जारी किया गया।
राज्य की ओर से अधिवक्ता दीपक कुमार (ए.सी. टू ए.जी.) ने अपना पक्ष रखा।
मामले की अगली सुनवाई पूजा अवकाश के बाद होगी। तब तक रामाशंकर पांडेय के खिलाफ जारी निष्कासन आदेश प्रभावी नहीं रहेगा।
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