
बोकारो : बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन के खिलाफ विस्थापित शिक्षित बेरोजगार मोर्चा ने समस्याओं के खिलाफ आंदोलनात्मक रुख अख्तियार कर लिया है. मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष दुर्गा सिंह ने विस्थाकियों से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करते हुए कहा कि बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन के तानाशाही रवैया के कारण विस्थापितों का विकास नहीं हो रहा है। प्लांट में कार्यरत ठेकेदारों एवं बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन के तानाशाही रवैया से मजदूर परेशान है। प्रबंधन द्वारा संचालित सभी विद्यालयों को बंद कर दिया गया है. जिससे क्षेत्र में शिक्षा के स्तर में बहुत गिरावट आई है। प्लांट के मजदूर एवं विस्थापितों के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। उनका कहना है कि बोकारो स्टील प्लांट में जो मजदूर और विस्थापित कार्य करते हैं उनके मानदेय में भी प्लांट प्रबंधन एवं ठेकेदारों की मिली भगत से बढ़ोतरी की बजाय कटौती कर उनका शोषण किया जा रहा है। साथ ही मजदूरों को अन्य मिलने वाली सुविधाओं से वंचित रखा जाता है। मजदूर दिन रात एक कर अपनी जान को जोखिम में डालकर प्लांट का उत्पादन करने में सदैव तत्पर रहते हैं। फिर भी उन्हें कोई सिक्योरिटी नही मिल रही है, ना हीं उन्हें मिनिमम वेज दिया जा रहा है, ना हीं इलाज की सुविधा है। नाइट अलाउंस सहित अन्य सुविधाओं से मजदूर वंचित रह जाते हैं। प्लांट में कार्यरत मजदूर अपने परिजनों की परवरिश करने के लिए प्लांट प्रबंधन और ठेकेदारों के गुलाम बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्लांट को खड़ा करने में विस्थापित गांव के लोगों ने अपनी जमीन दी वे आज दर-दर नौकरी के लिए भटकने को मजबूर हैं। कईयों ने तो अपने राज्य को छोड़कर नौकरी की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं। श्री दुर्गा सिंह ने प्लांट प्रबंधन और ठेकेदारों को चेतावनी देते हुए कहा की बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन मजदूरों का शोषण करना बंद करें। नहीं तो आने वाले समय में विस्थापित शिक्षित बेरोजगार मोर्चा मजदूर और विस्थापितों की समस्या को लेकर जोरदार आंदोलन करने को विवस होगी।
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