Saraikela: जेल से रिहा हुए भूषण पहाड़िया, समुदाय में खुशी की लहर – पूजा स्थल को बचाने के चक्कर में हुआ था केस

Spread the love

चांडिल: चांडिल थाना क्षेत्र अंतर्गत आसनवनी पंचायत के बिरिगोड़ा गांव के पारंपरिक लाया भूषण पहाड़िया की रिहाई से उनके समर्थकों और पूरे आदिवासी समुदाय में हर्ष की लहर दौड़ गई है. भूषण पहाड़िया को जांताल पूजा स्थल को बचाने के संघर्ष के कारण झूठे मुकदमे में फंसाकर एक माह नौ दिन तक जेल में बंद रखा गया था. सोमवार को रिहा होने पर उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया. उन्हें फूलमालाओं से लाद दिया गया और स्कूली बच्चों के बीच चॉकलेट भी बांटी गई.

भूषण पहाड़िया जांताल धर्मथान नामक पारंपरिक पूजा स्थल को कब्जाधारियों और भूमाफिया से बचाने के लिए लंबे समय से संघर्षरत हैं. यह स्थल आदिवासी संस्कृति, धार्मिक आस्था और परंपरा का जीवित प्रतीक है, जिसे भूमाफिया सिंडिकेट और सत्ताधारी तत्वों द्वारा हड़पने की कोशिश की जा रही है. भूषण ने पूर्वजों की परंपरा को बचाने के लिए कोई समझौता नहीं किया, न डरने की राह अपनाई और न ही किसी प्रलोभन को स्वीकार किया.

Advertisement

रिहाई के बाद अपने संक्षिप्त संबोधन में भूषण पहाड़िया ने भावुक शब्दों में कहा –
“तुम डरा सकते हो. लालच दे सकते हो. झूठा मुकदमा दर्ज करवा सकते हो. जेल में डाल सकते हो.
लेकिन हम अपनी पारंपरिक जांताल पूजा स्थल को किसी को कब्जा करने के लिए नहीं देंगे.”

भूषण पहाड़िया की रिहाई के मौके पर दर्जनों समुदायजन उपस्थित रहे. उनमें छतर पहाड़िया, मंगल पहाड़िया, गणेश पहाड़िया, जागरण पाल, गिडू माझी, चैतन पहाड़िया, जितु पहाड़िया, बुधनी पहाड़िया, गुरुचरण कर्मकार, गुरवा पहाड़िया, सोमवारी पहाड़िया, भारती पहाड़िया, बासंती पहाड़िया, सूर्य मोहन सिंह सरदार और गुरुचरण पहाड़िया जैसे प्रमुख नाम शामिल रहे. सभी ने भूषण के संघर्ष को न्यायसंगत बताते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समुदाय का आत्मसम्मान और आस्था का विषय है.

भूषण पहाड़िया की रिहाई तो हो गई, लेकिन सवाल यह है कि क्या जांताल पूजा स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित हो चुकी है? समुदाय ने प्रशासन से मांग की है कि इस पारंपरिक स्थल की विधिवत सुरक्षा और संरक्षण हेतु ठोस उपाय किए जाएं. साथ ही, इस स्थल को “आदिवासी धार्मिक धरोहर” घोषित कर विधिक सुरक्षा दी जाए ताकि भविष्य में कोई भी बाहरी ताकत इस पर कब्जा न कर सके.

 

इसे भी पढ़ें : Gamharia: गांवों में गूंजेगा रोजगार का स्वर, मशरूम और शहद उत्पादन बनेंगे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के आधार

Advertisement


Spread the love

Related Posts

Saraikela: बिजली बिल भुगतान अब रविवार को भी संभव, कल खुला रहेगा JBVNL ऑफिस

Spread the love

Spread the loveसरायकेला:  झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के चांडिल कार्यालय ने रविवार को भी उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कलेक्शन काउंटर और ATP मशीन चालू रखने का निर्णय…


Spread the love

Dayanand Public School का हरित अभियान – छात्रों ने ली प्लास्टिक मुक्त पृथ्वी की शपथ

Spread the love

Spread the loveजमशेदपुर:  दयानंद पब्लिक स्कूल ने अपने इको क्लब की पहल पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल परिसर में वृक्षारोपण अभियान…


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *