
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की पहल पर पटमदा और डुमरिया प्रखंड (लखाईडीह गांव) के किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) से जुड़े 20 किसान प्रतिनिधि दो दिवसीय अध्ययन भ्रमण के लिए गुमला रवाना हुए। यह भ्रमण 29 और 30 अगस्त को सरसों तेल उत्पादन एवं प्रसंस्करण इकाई में होगा।
इस यात्रा का मकसद है किसानों को सरसों की खेती, तेल पेराई की नई पद्धतियों, प्रसंस्करण व्यवस्था और गुणवत्ता प्रबंधन की जानकारी देना, ताकि वे इसे स्वरोजगार और आय वृद्धि का जरिया बना सकें।
किसानों को क्या मिलेगा प्रशिक्षण
प्रतिभागियों को बताया जाएगा –
सरसों तेल उत्पादन इकाई की कार्यप्रणाली और संचालन
आधुनिक तकनीकों से खेती और तेल पेराई की विधि
गुणवत्ता प्रबंधन और प्रसंस्करण व्यवस्था
तेल विपणन और बेहतर बाजार प्रबंधन
मूल्य श्रृंखला विस्तार और किसान समूहों की आय बढ़ाने के उपाय
साथ ही यह भी बताया जाएगा कि अगर पटमदा और डुमरिया प्रखंड इस मॉडल को अपनाते हैं तो गुमला इकाई किस तरह तकनीकी सहयोग और सतत परामर्श उपलब्ध कराएगी।
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा, “ऐसी अध्ययन यात्राएं किसानों के लिए बेहद उपयोगी हैं। व्यावहारिक अनुभव से वे स्थानीय स्तर पर सरसों आधारित उद्यम शुरू कर सकेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बना पाएंगे। उम्मीद है कि यह पहल किसानों की आजीविका संवर्धन में बड़ा कदम साबित होगी।”
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