Jamshedpur: डॉक्टर की लापरवाही से बिगड़ी मरीज की हालत, उपभोक्ता आयोग ने सुनाया ₹1 लाख मुआवजा देने का आदेश

Spread the love

जमशेदपुर: पश्चिमी सिंहभूम जिले के पपरहाटा वार्ड संख्या-10 निवासी मोहम्मद इम्तियाज द्वारा दायर उपभोक्ता वाद में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, जमशेदपुर ने डॉ. पीयूष जैन को लापरवाही का दोषी मानते हुए ₹1 लाख रुपये मुआवजा सहित कुल ₹1,77,780 रुपये का भुगतान 45 दिनों के भीतर करने का आदेश दिया है। निर्धारित समय सीमा में भुगतान नहीं होने पर 9% वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

18 मार्च 2021 को झींकपानी रेलवे स्टेशन के समीप एक सड़क दुर्घटना में मोहम्मद इम्तियाज के दाहिने पैर में गंभीर चोटें आई थीं। प्रारंभिक इलाज के बाद उन्हें डॉ. पीयूष जैन के स्टील सिटी क्लिनिक, बिष्टुपुर में भर्ती कराया गया। 19 मार्च को उनकी पहली सर्जरी की गई।

Advertisement

शिकायतकर्ता का आरोप है कि गलत ढंग से ऑपरेशन किए जाने के कारण उनकी हालत और अधिक बिगड़ गई, जिससे उन्हें बार-बार इलाज कराना पड़ा। अंततः उन्हें राउरकेला के एक अस्पताल में तीसरी सर्जरी करानी पड़ी।

शिकायतकर्ता ने दावा किया कि डॉक्टर की लापरवाही के चलते वह चलने-फिरने में अक्षम हो गए और अपनी आजीविका का साधन भी गंवा बैठे। उन्होंने बताया कि उन्होंने आर्थिक, शारीरिक और मानसिक कष्ट झेले हैं।

वहीं, डॉ. जैन ने अपने पक्ष में कहा कि इलाज पूरी ईमानदारी और चिकित्सकीय दक्षता के साथ किया गया। संक्रमण को देखते हुए ऑपरेशन किया गया था। हालांकि, आयोग ने उनके तर्कों को असंगत माना और कहा कि पहली सर्जरी में लापरवाही स्पष्ट रूप से प्रमाणित है।

आयोग ने पाया कि डॉक्टर ने दो बार एक ही कारण से ऑपरेशन किया, जिससे यह सिद्ध होता है कि पहली सर्जरी में त्रुटि थी। डॉक्टर यह भी स्पष्ट नहीं कर सके कि दूसरी सर्जरी में आवश्यक नट और स्क्रू क्यों नहीं निकाले गए, जिन्हें बाद में राउरकेला में हटाया गया।

आयोग ने यह भी कहा कि भले ही इलाज आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत हुआ हो, लेकिन मरीज ने निजी खर्च किए और मानसिक पीड़ा झेली है। अतः डॉक्टर को निम्नलिखित राशि अदा करनी होगी:

₹67,780 – चिकित्सा खर्च

₹1,00,000 – मानसिक एवं शारीरिक क्षति के लिए मुआवजा

₹10,000 – वाद व्यय

इस पूरी राशि का भुगतान 45 दिनों के भीतर किया जाना अनिवार्य है, अन्यथा 9% ब्याज दर से वसूली की जाएगी। आदेश की प्रति दोनों पक्षों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी और यह आयोग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध रहेगी।

इसे भी पढ़ें : Saraikela: डायरिया की मार से कांपा ईचागढ़, 24 बीमार – सरकार से मदद की पुकार

Advertisement


Spread the love

Related Posts

Jamshedpur: रंकिणी मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण का आरोप, विकास समिति ने प्रशासन से लगाई गुहार

Spread the love

Spread the loveजमशेदपुर:  जादूगोड़ा स्थित प्रसिद्ध माँ रंकिणी मंदिर की सरकारी जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। माँ रंकिणी कापड़गाड़ी घाट विकास समिति के…


Spread the love

Chaibasa: चिड़िया माइंस के कच्छियाता में गणेश पूजा, बच्चों ने पेश किया रंगारंग नृत्य

Spread the love

Spread the loveगुवा:  चिड़िया माइंस क्षेत्र के कच्छियाता में गणेश चतुर्थी के अवसर पर बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर माहौल को जीवंत कर दिया। भाद्रपद मास की चतुर्थी…


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *