
जमशेदपुर: सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन और तुलसी भवन द्वारा आयोजित डेढ़ माह लंबे तुलसी जयंती समारोह का समापन धूमधाम से हुआ। इस अवसर पर संस्थान का प्रतिष्ठित “गोस्वामी तुलसीदास सारस्वत सम्मान – 2025” रांची के सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. मयंक मुरारी को प्रदान किया गया। सम्मान स्वरूप उन्हें पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र, श्रीफल, सम्मान-पत्र, स्मृति-चिह्न और ₹51,000 की राशि दी गई।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अरुण मिश्रा (पूर्व मुख्य कारखाना निरीक्षक), विकास सिंह (संरक्षक, सेवा भारती, झारखंड) और कई साहित्यप्रेमी मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अरुण कुमार तिवारी ने की, जबकि संचालन डॉ. प्रसेनजित तिवारी ने किया। स्वागत भाषण राम नंदन प्रसाद और धन्यवाद ज्ञापन विद्यासागर लाभ ने दिया।
तुलसी जयंती के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में 32 विद्यालयों के 265 प्रतिभागियों ने भाग लिया। विजेताओं को कप, मेडल और प्रमाण-पत्र के साथ नकद पुरस्कार भी दिए गए:
प्रथम स्थान: ₹11,000
द्वितीय स्थान: ₹9,000
तृतीय स्थान: ₹7,000
प्रोत्साहन पुरस्कार: ₹5,000
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती और गोस्वामी तुलसीदास के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद डॉ. रागिनी भूषण ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की और अशोक पाठक ‘स्नेही’ द्वारा रचित तुलसी जयंती गीत को नीलाम्बर चौधरी ने गाकर सभी को भावविभोर कर दिया। इस मौके पर सम्मेलन की ओर से प्रकाशित मुखपत्र ‘तुलसी प्रभा’ का नया अंक भी लोकार्पित किया गया।
डेढ़ माह तक चले समारोह के सफल आयोजन में सक्रिय रहे साहित्य समिति के सदस्यों, नगर के साहित्यकारों और तुलसी भवन कर्मचारियों को विशेष उपहार देकर सम्मानित किया गया। मुख्य संयोजक डॉ. अजय कुमार ओझा और पूरी आयोजन समिति का योगदान सराहनीय रहा।
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