
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में संशोधित आयकर विधेयक 2025 पेश करेंगी। यह बिल 13 फरवरी 2025 को पेश किए गए ड्राफ्ट की जगह लेगा और 1961 से लागू पुराने आयकर कानून को पूरी तरह समाप्त कर देगा।
क्यों बदला गया पुराना ड्राफ्ट
सरकार ने फरवरी में पेश किए गए बिल को वापस लेकर उसमें बदलाव करने का फैसला किया था ताकि नया कानून आम लोगों के लिए समझना आसान हो। इसमें लोकसभा की सिलेक्शन कमेटी द्वारा सुझाए गए सुधार शामिल किए गए हैं। भाषा को सरल बनाया गया है, तकनीकी गलतियां सुधारी गई हैं और क्रॉस-रेफरेंसिंग बेहतर की गई है।
नए बिल के आने पर उठे सवालों के बीच केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि पहले वाले बिल की मेहनत बेकार नहीं गई है। सिलेक्शन कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद उसमें सुझाए बदलावों को जोड़कर नया बिल पेश करना एक सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा, “पिछले छह महीनों में की गई मेहनत नए बिल में साफ दिखाई देगी।”
सिलेक्शन कमेटी की अहम सिफारिशें
- लेट आईटीआर फाइल करने पर बिना पेनाल्टी रिफंड क्लेम करने की सुविधा
- नोटिस जारी करने से पहले कर अधिकारियों को जवाबों पर विचार करने का निर्देश
- धार्मिक और परमार्थ दोनों उद्देश्यों से काम करने वाले ट्रस्टों को गुप्त दान पर पूरी तरह कर छूट
- टैक्स प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए मॉडर्न, डिजिटल-फर्स्ट और फेसलेस असेस्मेंट सिस्टम का प्रस्ताव
उम्मीदें और असर
सरकार का दावा है कि नया कानून पारदर्शिता बढ़ाएगा, भ्रष्टाचार पर रोक लगाएगा और टैक्सपेयर्स के लिए प्रक्रिया को काफी सरल बना देगा। अब यह देखना होगा कि संसद में बहस और पारित होने के बाद इसे लागू करने में कितना समय लगेगा।
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