
नई दिल्ली: पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिकों के घरों में गैस सप्लाई बंद कर दी है और स्थानीय सिलेंडर सप्लायर्स को आदेश दिया है कि वे सिलेंडर न बेचें। रिपोर्ट के मुताबिक, मिनरल वाटर और अखबार की डिलीवरी भी रोक दी गई है। यह कदम भारत के “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद बदले की कार्रवाई माना जा रहा है, जिसकी योजना पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने बनाई।
जवाब में भारत ने भी दिल्ली में तैनात पाकिस्तानी राजनयिकों को अखबार पहुंचाना बंद कर दिया है।
पहले भी कर चुका है ऐसा
2019 में पुलवामा हमले के बाद हुई भारतीय एयर स्ट्राइक के बाद भी पाकिस्तान ने भारतीय डिप्लोमैट्स को इसी तरह परेशान किया था। उस समय पीछा करना, फर्जी कॉल, और सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ जैसी हरकतें की गई थीं। 2018 में भी दोनों देशों में ऐसे मामले हुए थे, जिसके बाद दोनों ने 1961 के ‘वियना कन्वेंशन ऑन डिप्लोमैटिक रिलेशंस’ का पालन करने का वादा किया था।
वियना कन्वेंशन का उल्लंघन
कन्वेंशन के आर्टिकल 25 के मुताबिक, मेजबान देश को राजनयिक मिशन के सुचारू संचालन के लिए सभी जरूरी सुविधाएं देनी होती हैं। गैस, पानी और अखबार रोकना इस नियम का सीधा उल्लंघन है और राजनयिकों के काम में जानबूझकर रुकावट डालने की कोशिश है।
अप्रैल में भी हुआ था विरोध
पहलगाम हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया था। इसके विरोध में अप्रैल में इस्लामाबाद स्थित भारतीय हाई कमीशन के बाहर भीड़ ने प्रदर्शन किया, नारे लगाए और गेट फांदने की कोशिश की। भारत का आरोप है कि पाकिस्तान ने उस समय सुरक्षा हटा ली थी।
क्या था ऑपरेशन सिंदूर?
7 मई की रात भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के 9 ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। सेना के मुताबिक, इसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। अटैक में लश्कर-ए-तैयबा के हेडक्वॉर्टर और जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर का ठिकाना भी शामिल था।
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