जमशेदपुर: सदर अस्पताल, खासमहल में बीती रात एक गर्भवती महिला के ऑपरेशन के दौरान 10 मिनट तक बिजली गुल रहने की गंभीर घटना प्रकाश में आई है। इस दौरान ऑपरेशन थिएटर में मौजूद डॉक्टर बिजली आपूर्ति का इंतजार करते रहे और महिला बेड पर रक्तश्राव के साथ पड़ी रही।
इस संवेदनशील मामले को लेकर सामाजिक संस्था ‘अस्तित्व’ ने कड़ा रुख अपनाया है। संस्था की सचिव सह संस्थापक मीरा तिवारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त की अनुपस्थिति में अनुमंडल पदाधिकारी से भेंट की और मांग पत्र सौंपा।
मांग पत्र में रखी गईं ये मुख्य बातें:
ओटी में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
आपातकालीन परिस्थितियों के लिए जनरेटर की पुख्ता व्यवस्था हो।
बिजली गुल होने के कारण हुई लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
दोषियों के खिलाफ ठोस प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।
अस्पताल में 24 घंटे पेयजल उपलब्धता और बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली को दुरुस्त किया जाए।
मीरा तिवारी ने बताया कि बुधवार रात 10:30 बजे ऑपरेशन थिएटर में बिजली गुल होने के कारण महिला को बेड पर ही रक्तश्राव की स्थिति में इंतजार करना पड़ा, जो प्रबंधन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। यदि समय पर बिजली की आपूर्ति नहीं होती, तो कोई अप्रिय घटना घट सकती थी।
एसडीओ ने दिया जांच व कार्रवाई का आश्वासन
सम्पूर्ण प्रकरण की जानकारी लेने के पश्चात अनुमंडल पदाधिकारी ने जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे शामिल:
मीरा तिवारी (संस्थापक, अस्तित्व)
सुनील गुप्ता (पंचायत समिति सदस्य)
अन्नू चौबे (जिलाध्यक्ष, अस्तित्व)
ममता चौबे, अमृता, नूतन, मधु, सोनिया बास्के समेत अन्य सदस्य उपस्थित थे।
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