देवघर: देवघर जिले में साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. सारवां थाना क्षेत्र के गोरेमारा जंगल में साइबर थाना पुलिस की विशेष छापेमारी में छह ठगों को गिरफ्तार किया गया है. यह गिरोह पीएम किसान योजना और एसबीआई क्रेडिट कार्ड के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर आम लोगों को ठगने का काम कर रहा था.
ठगों के पास से आठ मोबाइल और पांच सिम कार्ड बरामद
गिरफ्तार ठगों की पहचान कुदरत अंसारी, मोहसिन अंसारी (कपसा, सारठ), अमानत अंसारी (बगडबरा, सारठ), अख्तर अंसारी (मिश्राडीह, सोनारायठाढ़ी), अजय दास (मथुरापुर, जसीडीह) और पंकज मंडल (डुमरकोला, पालोजोरी) के रूप में की गई है. पुलिस ने इनके पास से 8 मोबाइल फोन और 5 सिम कार्ड बरामद किए हैं.
गुप्त सूचना पर डीआईजी के निर्देश पर हुई कार्रवाई
देवघर के एसपी सह डीआईजी अजीत पीटर डुंगडुंग को इस गिरोह के संबंध में गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर एच टोप्पो, दारोगा अजय कुमार और सारवां थानेदार कौशल कुमार की टीम ने संयुक्त छापेमारी कर इन्हें गिरफ्तार किया.
तीन अलग-अलग तरीकों से करते थे ठगी
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी तीन प्रमुख तरीकों से ठगी करते थे:
1. गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर अपलोड कर: आरोपी खुद को विभिन्न कंपनियों का कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर गूगल पर नंबर अपलोड करते थे. लोग जब मदद के लिए इन नंबरों पर कॉल करते, तो ठग उनसे गोपनीय जानकारी लेकर बैंक खाते से पैसे उड़ा लेते थे.
2. फोन-पे और पेटीएम पर कैशबैक के नाम पर ठगी: आरोपी खुद को डिजिटल भुगतान कंपनियों का अधिकारी बताकर लोगों को कैशबैक और गिफ्ट कार्ड का लालच देते और फिर उनके खातों से रकम निकाल लेते.
3. एयरटेल पेमेंट बैंक कार्ड को बंद करने का झांसा: आरोपी एयरटेल थैंक्स ऐप के माध्यम से कार्ड बंद कर देते और पुनः चालू करने के नाम पर ठगी करते थे.
जांच जारी, और भी खुलासों की संभावना
पुलिस अब बरामद मोबाइल और सिम की तकनीकी जांच कर रही है. संभावना है कि गिरोह का नेटवर्क और भी राज्यों तक फैला हो सकता है. पुलिस ने इनसे जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी तेज कर दी है.
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