जमशेदपुर: झारखंड सरकार के मंत्री हफीजुल हसन अंसारी द्वारा शरीयत को भारतीय संविधान से बड़ा बताने वाले बयान पर भारतीय जनता पार्टी, जमशेदपुर महानगर ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। इस विवादास्पद बयान के विरोध में सांसद विद्युत वरण महतो, जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा दास साहू, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिनेशानंद गोस्वामी, प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले समेत सैकड़ों कार्यकर्ता, महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा के नेतृत्व में जिला उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।
लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला
प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मंत्री का यह बयान केवल संविधान का अपमान नहीं है, बल्कि देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है। ऐसे बयान न सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण हैं, बल्कि वे समाज में भ्रम और विघटन फैलाने वाले भी हैं। संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति अगर संविधान की मर्यादा को चुनौती देता है, तो वह उस पद के योग्य नहीं है।”
कठोर कार्रवाई की मांग
भाजपा ने उपायुक्त के माध्यम से महामहिम के नाम एक ज्ञापन भी दिया और मांग की कि मंत्री हफीजुल हसन अंसारी के इस आपत्तिजनक और असंवैधानिक बयान पर त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाए। इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, विभिन्न मंडलों के अध्यक्षगण व पदाधिकारी तथा सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए.
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